Patna Crime: पटना में पिस्टल की नोक पर 22 लाख की लूट, अपराधियों ने किया कारोबारी पिता-पुत्र पर फायरिंग, दहशत में लोग

Patna Crime: पटना के व्यस्ततम इलाके में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब हथियारों से लैस बदमाशों ने लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दे दिया।

पटना में पिस्टल की नोक पर 22 लाख की लूट- फोटो : social Media

Patna Crime: पटना के व्यस्ततम  इलाके में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब हथियारों से लैस बदमाशों ने  लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दे दिया। पटना के अतिव्यस्त राजेंद्र नगर टर्मिनल इलाके में रविवार की सुबह अमन उस वक्त तार-तार हो गया, जब हथियारों से लैस बदमाशों ने खुलेआम दहशत का खेल खेला। सुबह करीब आठ बजे, भीड़-भाड़ वाले इलाके में पांच अपराधी अचानक हाजीपुर के जेवर कारोबारी विनोद कुमार पर टूट पड़े और पिस्टल की नोक पर 22 लाख रुपये के कीमती गहने लूट लिए। गहने बैग में थे, लेकिन बदमाशों की तैयारी, हौसला और दुस्साहस ने कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी।

लूट का विरोध करना कारोबारी परिवार को भारी पड़ गया। विनोद कुमार के बेटे रवि कुमार ने जैसे ही पिता को लुटते देखा, वे बदमाशों से भिड़ गए। जवाब में अपराधियों ने पिस्टल तान दी और फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली पिता-पुत्र के बेहद करीब से गुजर गई। किस्मत ने साथ दिया, वरना बड़ा खूनी खेल हो सकता था। दूसरी बार गोली चलाने की कोशिश में बदमाशों की पिस्टल की मैगजीन नीचे गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद बदमाशों ने पिस्टल की बट से रवि कुमार के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। सिर फट गया, खून बहने लगा, लेकिन बदमाशों का दिल नहीं पसीजा।

जानकारी के मुताबिक, विनोद कुमार हाजीपुर के रहने वाले हैं और वहां उनके सोने के तीन शोरूम हैं। वे कोलकाता से आभूषण लाने 18 जनवरी को हावड़ा-दानापुर एक्सप्रेस से पटना पहुंचे थे। उनके साथ एक कर्मचारी और जेवरात से भरे दो बैग थे। बेटे रवि कुमार कार से उन्हें रिसिव करने आए थे और पैदल स्टेशन की ओर बढ़ रहे थे, तभी घात लगाए बदमाश आ धमके।

लूट के बाद बाइक सवार अपराधी एक बैग लेकर राजेंद्र नगर की ओर फरार हो गए। पीड़ितों ने पहले पिता को सुरक्षित हाजीपुर पहुंचाया, फिर कंकड़बाग स्थित निजी अस्पताल में इलाज कराया और बाद में चित्रगुप्त नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। थानेदार रोशनी कुमारी के अनुसार पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।

पीड़ित रवि कुमार ने बताया कि बदमाशों की उम्र 19 से 30 वर्ष के बीच थी और सभी हेलमेट पहने हुए थे, जिससे पहचान मुश्किल है। राहत की बात यह है कि पूरी वारदात पास की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस को शक है कि कोलकाता से ही किसी ने सूचना लीक की थी। यही वजह है कि कारोबारी के साथ मौजूद कर्मचारी की भूमिका भी शक के घेरे में है। अब देखना है कि पुलिस इस सनसनीखेज लूट का पर्दाफाश कब तक कर पाती है।