Bihar SVU Raid: इंजीनियर साहब की काली कमाई का कमाल! घर से मिला नोटों का अंबार, पत्नी ने बाहर फेंका नोटों से ठसाठस भरा बैग

Bihar SVU Raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात आते ही एक बार फिर सरकारी व्यवस्था के भीतर छिपी अकूत संपत्ति का दिलचस्प, मगर शर्मनाक चेहरा सामने आया है।...

नोटों का अंबार, गहनों की चमक और करोड़ों की संपत्ति- फोटो : X

Bihar SVU Raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात आते ही एक बार फिर सरकारी व्यवस्था के भीतर छिपी अकूत संपत्ति का दिलचस्प, मगर शर्मनाक चेहरा सामने आया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष निगरानी इकाई ने बुधवार को सहरसा के पथ निर्माण अंचल में तैनात अधीक्षण अभियंता विजय कुमार के पटना, सहरसा और औरंगाबाद स्थित पांच ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने भ्रष्टाचार की कहानी में किसी फिल्मी पटकथा जैसा मोड़ ला दिया।

दरवाजा बंद, पीछे से नोटों से भरा बैग बाहर!

दानापुर के गोला रोड स्थित आवास पर जब एसवीयू की टीम पहुंची तो इंजीनियर साहब की पत्नी रानी कुमारी ने दरवाजा खोलने से परहेज किया। लेकिन घर के पीछे से जो हरकत हुई, उसने जांच टीम का शक और गहरा कर दिया। आरोप है कि करीब साढ़े आठ लाख रुपये के 500-500 के नोटों से भरा बैग पीछे से फेंक दिया गया।अब सवाल यह है कि अगर सब कुछ पाक-साफ था तो दरवाजा खोलने में इतनी हिचकिचाहट क्यों? और नोटों से भरे बैग को घर के पीछे पहुंचाने की ऐसी कौन सी मजबूरी आन पड़ी थी? हालांकि, एसवीयू की टीम ने बैग बरामद कर लिया और बाद में आवास के भीतर दाखिल होकर तलाशी शुरू की।

नोटों का अंबार, गहनों की चमक और करोड़ों की संपत्ति

तलाशी में 31.42 लाख रुपये नकद और 23.23 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए। जांच एजेंसी के मुताबिक, इंजीनियर और उनकी पत्नी के बैंक खातों तथा सावधि जमा में करीब 1.29 करोड़ रुपये होने की जानकारी मिली है। दो अन्य खातों में भी 10 लाख रुपये जमा पाए गए।एसवीयू की शुरुआती जांच में विजय कुमार के पास 3 करोड़ 28 लाख 70 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। यह उनकी ज्ञात वैध आय से 139 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

छह मंजिला मकान, तीन मंजिला मकान और गाड़ियों का काफिला

संपत्ति की फेहरिस्त भी कम दिलचस्प नहीं है। पटना के गोला रोड स्थित वास्तुगंगा कॉलोनी में करीब 1.75 करोड़ रुपये का छह मंजिला मकान और 75 लाख रुपये का तीन मंजिला मकान मिला है। इसके अलावा पाटलिपुत्र में फ्लैट, दानापुर और रामजयपाल नगर में भूखंड तथा स्कॉर्पियो और आई-10 कार भी सामने आई हैं। अचल संपत्ति का मूल्य तीन करोड़ आठ लाख रुपये से अधिक आंका गया है।

एक दर्जन बैंक खाते, अब लेन-देन की पड़ताल

जांच में एक दर्जन से अधिक बैंक खातों, एलआईसी और टाटा एआईजी में निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं। एचडीएफसी, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों की भी पड़ताल हो रही है।

बता दें कि विजय कुमार ने 22 दिसंबर 2004 को सरकारी सेवा शुरू की थी। अब एसवीयू उनकी वर्षों की कमाई और संपत्ति के बीच का हिसाब खंगाल रही है। फिलहाल इंजीनियर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है।

विडंबना देखिए, सरकारी सेवा में जनता के निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाले एक अधिकारी के घर से नोटों से भरा बैग फेंके जाने का मामला सामने आया है। अब असली परीक्षा जांच एजेंसी की है कि नोटों, मकानों और बैंक खातों के इस पूरे मायाजाल के पीछे छिपी सच्चाई कितनी दूर तक उजागर होती है। आखिर सरकारी वेतन और करोड़ों की संपत्ति के बीच का यह फासला किस गणित से तय हुआ, इसका जवाब जांच में ही मिलेगा।