Patna Crime: धनकुबेर निकला रिश्वतखोर इंजीनियर, कैश के साथ करोड़ों के निवेश के कागज देख हैरत में पड़े अधिकारी

Patna Crime: अभियंता के आवास पर तलाशी ली। यहां से 8.36 लाख रुपये अतिरिक्त नकद बरामद होने की बात सामने आई है।तलाशी के दौरान रूपसपुर स्थित फ्लैट से करीब एक करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश से संबंधित दस्तावेज, दो बैंक लॉकर के कागजात बरामद हुए हैं.....

धनकुबेर निकला रिश्वतखोर इंजीनियर- फोटो : social Media

Patna Crime: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग से जुड़े बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC) के कार्यपालक अभियंता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी पटना के बेली रोड स्थित गोल्फ क्लब के गेट के समीप से की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी इंजीनियर के रूपसपुर स्थित आवास पर हुई तलाशी में नकदी, निवेश के दस्तावेज, बैंक लॉकर और सोने-चांदी के आभूषण मिलने से मामला और गंभीर हो गया है।

निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, कंकड़बाग निवासी राम सागर शर्मा ने कार्यपालक अभियंता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने कटिहार जिले में सरकारी स्कूल निर्माण से जुड़े कार्य कराए थे। आरोप है कि काम के भुगतान के एवज में कार्यपालक अभियंता ने कमीशन की मांग की थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, पहले भुगतान के तौर पर उसके खाते में 1 करोड़ 54 लाख 19 हजार 329 रुपये आए थे। आरोप है कि इसी भुगतान के बदले इंजीनियर ने करीब दो प्रतिशत कमीशन के रूप में 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।शिकायत के सत्यापन के दौरान निगरानी टीम ने रिश्वत की मांग की पुष्टि की। इसके बाद निगरानी थाना में मामला दर्ज किया गया और डीएसपी विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जाल बिछाकर द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को 1.04 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम ने देर शाम रूपसपुर स्थित लखन इन्क्लेव में अभियंता के आवास पर तलाशी ली। यहां से 8.36 लाख रुपये अतिरिक्त नकद बरामद होने की बात सामने आई है।तलाशी के दौरान रूपसपुर स्थित फ्लैट से करीब एक करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश से संबंधित दस्तावेज, दो बैंक लॉकर के कागजात, एक Hyundai i20 कार और सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। आभूषणों की कीमत का आकलन कराया जा रहा है।निगरानी ब्यूरो अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों के स्रोत की भी जांच कर रहा है। बैंक लॉकर में क्या है, इसका पता आगे की कार्रवाई में चलेगा।

निगरानी के अनुसार, द्विजेन्द्र कुमार मिश्र वर्ष 2021 में जल संसाधन विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद वर्ष 2023 से आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से BSEIDC में कार्यपालक अभियंता के रूप में सेवा दे रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती पूर्णिया में बताई गई है।रिश्वत लेते गिरफ्तारी के बाद अब निगरानी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।निगरानी ब्यूरो ने मामले में आगे की जांच और तलाशी जारी रखने की बात कही है। अब जांच एजेंसियों की नजर बरामद नकदी, निवेश दस्तावेज, बैंक लॉकर और आभूषणों के स्रोत पर है। अगर इन संपत्तियों का रिश्ता अवैध कमाई से जुड़ता है, तो आरोपी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।