कोडीन सिरप से लेकर नशीले इंजेक्शन तक... पटना में करोड़ों के ड्रग रैकेट का खुलासा, पूरे नेटवर्क की जांच शुरू

Patna Crime: बिहार की राजधानी पटना में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए औषधि एवं उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं।...

पटना में करोड़ों के ड्रग रैकेट का खुलासा- फोटो : social Media

Patna Crime: बिहार की राजधानी पटना में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए औषधि एवं उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं। पटना सिटी के मेहंदीगंज स्थित बैंक कॉलोनी, शिवपुर में एक गोदाम पर गुरुवार देर रात छापेमारी के दौरान करीब 32 लाख 71 हजार 560 रुपये मूल्य की नशीली दवाएं जब्त की गईं। कार्रवाई के दौरान गोदाम संचालक रजनीश कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी में 20 कार्टन कोडीन युक्त कफ सिरप की 240 बोतलें, स्पास्मो-प्रॉक्सीवॉन टैबलेट के तीन कार्टन और रेक्सोजेसिक इंजेक्शन के 24 कार्टन बरामद किए गए। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह गोदाम गिरफ्तार आरोपी रजनीश कुमार का है, जो मेहंदीगंज इलाके का ही निवासी है। बरामद दवाओं के भंडारण, लाइसेंस और उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है।

पूछताछ के दौरान आरोपी से कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रतिबंधित दवाओं की यह खेप कहां से लाई गई थी, किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती थी और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे सप्लाई चेन की जांच की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बरामद अधिकांश दवाएं सामान्य रूप से दर्द निवारण और चिकित्सा उपयोग के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इनका दुरुपयोग नशे के रूप में तेजी से बढ़ा है। रेक्सोजेसिक इंजेक्शन में मौजूद ब्यूप्रेनॉर्फिन सर्जरी के बाद होने वाले दर्द में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अधिक मात्रा में लेने पर यह नशे का कारण बन सकता है। वहीं कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप का अत्यधिक सेवन भी नशे के लिए किया जाता है। स्पास्मो-प्रॉक्सीवॉन टैबलेट में मौजूद कुछ शक्तिशाली तत्व अधिक नींद और नशे जैसी स्थिति पैदा करते हैं, जबकि इसका मूल उपयोग पेट दर्द और ऐंठन के इलाज में होता है।

यह कार्रवाई औषधि एवं उत्पाद विभाग, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग तथा अन्य जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम ने की। अधिकारियों ने बताया कि ईआईबी मुख्यालय, पटना से प्रतिबंधित दवाओं के अवैध भंडारण की सूचना मिलने के बाद विशेष टीम गठित की गई थी। डिप्टी कमिश्नर सुरेंद्र प्रसाद, औषधि निरीक्षक अजय कुमार और सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी को नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने और इससे जुड़े सभी आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।