Patna Crime:शराबबंदी वाले बिहार में नशेड़ी कार सवारों का तांडव, कई गाड़ियों में मारी टक्कर, भीड़ ने आरोपी युवक को अर्धनग्न कर पीटा, डायल-112 ने किसी तरह बचाया

पटना में कानून-व्यवस्था की उड़ी धज्जियां- फोटो : reporter

Patna Crime: शराबबंदी वाले बिहार में नशे और सड़क पर हुड़दंग का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था से लेकर शराबबंदी तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के नया टोला में शनिवार, 8 अगस्त की देर शाम कथित तौर पर शराब के नशे में धुत कार सवारों ने जमकर तांडव मचाया। अनियंत्रित स्विफ्ट डिजायर ने सड़क पर कई वाहनों को टक्कर मार दी और इसके बाद एक दुकान में घुसने की कोशिश की।

कार की रफ्तार और बेकाबू हरकतों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि कार में सवार दोनों युवकों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने उन्हें दबोच लिया। इसके बाद दोनों की जमकर पिटाई की गई। भीड़ ने युवकों के कपड़े तक फाड़ दिए और उन्हें अर्धनग्न कर दिया। गुस्साई भीड़ ने कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों को भीड़ के कब्जे से निकालने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान एक युवक ने पुलिसकर्मियों से ही हाथापाई शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर पुलिस और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।काफी मशक्कत के बाद पुलिस दोनों घायल युवकों को भीड़ से निकालकर फुलवारी शरीफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी गुलाम शाहबाज आलम के अनुसार कार में रंजीत कुमार और रंजीत चौहान सवार थे। पुलिस के मुताबिक दोनों युवक अत्यधिक नशे की हालत में थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक तरफ नशे का तांडव, दूसरी तरफ कानून हाथ में लेने वाली भीड़

इस पूरी घटना ने दोहरी चुनौती सामने रख दी है। एक तरफ कथित तौर पर नशे में वाहन चलाकर सड़क पर उत्पात मचाने और लोगों की जान जोखिम में डालने का आरोप है, तो दूसरी तरफ भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेकर आरोपितों की पिटाई और कपड़े फाड़ने का मामला भी गंभीर है।सबसे बड़ा सवाल शराबबंदी को लेकर है जब बिहार में शराब की बिक्री, खरीद और सेवन प्रतिबंधित है, तो आखिर इन युवकों तक शराब पहुंची कैसे? शराब की कथित उपलब्धता और उसकी तस्करी पर रोक लगाने के सरकारी दावों के बीच पटना की यह घटना व्यवस्था के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

नशे में ड्राइविंग बनी जानलेवा आफत

नशे में वाहन चलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की जिंदगी के लिए सीधा खतरा है। कई वाहनों को टक्कर मारने के बाद दुकान में कार घुसाने की कोशिश ने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया।अब पुलिस के सामने दो अहम सवाल हैं नशे में कार चलाने वालों तक शराब पहुंची कैसे और सड़क पर उत्पात मचाने से लेकर पुलिस से हाथापाई तक के मामले में क्या कार्रवाई होगी? साथ ही, भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने वालों की भूमिका की भी जांच जरूरी है।पटना की यह घटना शराबबंदी और सड़क सुरक्षा के साथ-साथ पुलिसिंग की उस चुनौती को भी सामने लाती है, जहां अपराध, नशा और भीड़ का आक्रोश एक साथ कानून-व्यवस्था के लिए संकट बन जाता है।

अनिल की रिपोर्ट