Patna Police Crime: पटना पुलिस फिर हुई दागदार, पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस होगा दर्ज! खाकी संगीन इल्जाम से विभाग में मचा है हड़कंप

एक महिला ने कुछ पुलिसकर्मियों पर वाहन रोककर उसके पति के साथ कथित तौर पर मारपीट करने, विरोध करने पर उसके साथ भी बदसलूकी और....आरोप लगाया है।...

पटना पुलिस फिर हुई दागदार- फोटो : social Media

Patna Police Crime: पटना जिले के मसौढ़ी थाना क्षेत्र में खाकी वर्दी पर गंभीर इल्जाम सामने आया है। एक महिला ने कुछ पुलिसकर्मियों पर वाहन रोककर उसके पति के साथ कथित तौर पर मारपीट करने, विरोध करने पर उसके साथ भी बदसलूकी और मारपीट करने तथा ₹2,000 छीन लेने का आरोप लगाया है। महिला ने पूरे मामले की शिकायत वरीय पुलिस अधिकारियों से कर आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

शिकायत के मुताबिक, कथित घटना 19 जून 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे हुई। महिला अपने पति के साथ NH-22 स्थित एक होटल से सामान लेकर वाहन से घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों और उसके पति के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद कथित तौर पर उसके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी गई।

महिला के मुताबिक, पति को पुलिसकर्मियों से घिरा देखकर उसने बीच-बचाव करने की कोशिश की। आरोप है कि विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ भी मारपीट की। महिला ने गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार का भी इल्जाम लगाया है। उसका दावा है कि इसी दौरान उसके पास रखे ₹2,000 भी कथित रूप से छीन लिए गए।

घटना के बाद महिला ने अपना इलाज कराया। इसके बाद वह शिकायत लेकर मसौढ़ी थाना पहुंची, लेकिन उसके अनुसार वहां उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। थाने से कथित तौर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद महिला ने वरीय पुलिस अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया। अब उसने पूरे मामले की जांच कर आरोपित पुलिसकर्मियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की है।महिला ने अपनी शिकायत में घटना के दौरान मौजूद करीब 10 ग्रामीणों को प्रत्यक्षदर्शी बताया है। उसने इन लोगों के नाम भी पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं। शिकायत में घटना से जुड़े दो वाहनों के नंबर BR01PJ1057 और BR25PB8927 का भी उल्लेख किया गया है।

इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला के आरोपों की हकीकत क्या है और घटना के वक्त वास्तव में क्या हुआ था। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।मध निषेध के सुपरिंटेंडेंट निशांत कुमार से मामले को लेकर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार