Patna Police: पटना में खाकी पर फिर लगा रिश्वत का काला धब्बा, सार्जेंट पर 2000 की घूस लेने का गंभीर इल्जाम, शिकायतों पर खामोश एसपी यातायात

पटना के मशहू इलाक़े इनकम टैक्स गोलंबर और वोल्टास मोड़ के नज़दीक लेडी ट्रैफिक सार्जेंट रिंकी कुमारी पर ऐसा संगीन आरोप है, जिसने पुलिस महकमे की साख पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

सार्जेंट रिंकी कुमारी पर घूसखोरी का इल्जाम- फोटो : reporter

Patna Police: राजधानी पटना की सड़कों पर लोगों से नियम के पालन की उम्मीद की जाती है। एक दिन पहले पटना पुलिस के इंस्पेटर की गाड़ी नीजि कार को टक्कर मार कर फरार होने की कोशिश करते है, पकड़े जाने पर फजीहत झेलते हैं। वहीं घटना के 24 घंटे भी नहीं बीतते की खाकी पर फिर काला धब्बा लगाने वाली खबर आती है।  जब ख़ाकी पहनकर निगरानी करने वाले ही दस्तूर और क़ानून की धज्जियां उड़ाने लगें, तो भरोसा किस पर किया जाए?  पटना के मशहू इलाक़े इनकम टैक्स गोलंबर और वोल्टास मोड़ के नज़दीक एक ऐसा ही संगीन मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे की साख़ पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

गौरिचक थाना क्षेत्र के ग्राम-पिचरिया निवासी पीड़ित रविभूषण सिंह (पिता: स्व. श्याम करन) के मुताबिक़, वे अपनी कार (संख्या: BR01HG-3191) से जा रहे थे। वोल्टास के पास अनजाने में गाड़ी की दिशा या नियम में थोड़ी चूक हो गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद लेडी ट्रैफिक सार्जेंट रिंकी कुमारी और उनके साथियों ने गाड़ी को रोक लिया।रविभूषण ने बताया कि उन्होंने मैडम से विनम्रता के साथ गुज़ारिश की और अपनी मजबूरी बताई। लेकिन ट्रैफिक कर्मचारियों का रवैया निहायत ही सख़्त और ग़ैर-मुनासिब था। उन्होंने सीधे शब्दों में डराया कि नियम तोड़ने का 5,000 रुपये का चालान बनता है। अगर बचना चाहते हो, तो जेब ढीली करो।काफ़ी मिन्नत के बाद ₹2,000 नक़द में सौदा तय हुआ। पीड़ित का दावा है कि उन्होंने मैडम के कहने पर बगल में खड़े एक शख्स को ₹2,000 नक़द थमा दिए। लेकिन कहानी यहीं ख़त्म नहीं हुई असली धोखेबाज़ी इसके बाद शुरू हुई।

रिश्वत भी ली और थमा दिया 2,000 का पेंडिंग चालान

पैसे ऐंठने और मौके से जाने की इजाज़त देने के महज़ 20 मिनट बाद रविभूषण के मोबाइल पर ₹2,000 का ई-चालान (पेंडिंग चालान) आ गिरा। जब उन्होंने हैरत में पड़कर सार्जेंट रिंकी कुमारी को फोन किया, तो मैडम ने बड़ी ही चालाकी से जवाब दिया कि गलती से चालान कट गया है।

इस पूरे घटना के चश्मदीद गवाह केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक हैं, जो उस वक़्त रविभूषण के साथ कार में ही मौजूद थे। अब पीड़ित ने इस रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के ख़िलाफ़ डीएसपी-4 को बाक़ायदा लिखित आवेदन दी है। साथ ही पेंडिंग चालान की रसीद, सार्जेंट मैडम की तस्वीर और इंटरव्यू के पुख्ता सबूत भी सौंपे हैं।

तस्वीरों और CCTV फुटेज की विस्तृत जांच की मांग

तारामंडल और वोल्टास मोड़ के आसपास अक्सर वाहन चालकों ने यह शिकायत किया है कि यहाँ आधिकारिक चालान के बजाय मौक़े पर ही लेन-देन का खेल खेला जाता है।स्थानीय लोगों की पुरज़ोर मांग है कि ट्रैफिक पोस्ट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए।

शिकायतों पर खामोश एसपी यातायात 

वाहन चालकों का इल्ज़ाम है कि पहले भी यहाँ के सार्जेंटों की शिकायतें की गई थीं, लेकिन एसपी यातायात ने अपने कान में रुई डाल रखी है और किसी भी मुजरिमाना हरक़त पर पर्दा डाल दिया जाता है।

इंसाफ की गुहार

रविभूषण ने साफ़ कर दिया है कि वह इस रिश्वतख़ोरी के ख़िलाफ़ आख़िरी हद तक जाएंगे। अब देखना यह है कि वरिष्ठ अधिकार इस जांच में निष्पक्षता दिखाते हुए सार्जेंट रिंकी कुमारी पर गाज़ गिराते हैं या हमेशा की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार