Patna NEET Scandal: शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के रहस्यमयी मौत की फाइल अब सीबीआई के हवाले, नहीं किया पॉक्सो एक्ट शामिल, दरिंदे की गिरफ्तारी सबसे बड़ी चुनौती

Patna NEET Scandal: पटना में नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत ने जिस तूफ़ान को जन्म दिया था, वह अब केंद्रीय जांच की चौखट पर पहुंच चुका है।...

शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के रहस्यमयी मौत की फाइल अब सीबीआई के हवाले- फोटो : social Media

Patna NEET Scandal: पटना में नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत ने जिस तूफ़ान को जन्म दिया था, वह अब केंद्रीय जांच की चौखट पर पहुंच चुका है। बिहार सरकार की सिफारिश के 13 दिन बाद सीबीआई ने केस टेकओवर कर लिया है और एसीबी, पटना में एफआईआर दर्ज कर स्थानीय पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली है। अब सबसे बड़ा सवाल क्या आरोपी कानून के शिकंजे में आएगा?

जहानाबाद की रहने वाली छात्रा 6 जनवरी को चित्रगुप्त नगर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में बेहोशी की हालत में मिली थी। पांच दिन तक कोमा से जूझने के बाद 11 जनवरी को निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। 9 जनवरी को पिता के फर्द बयान पर केस दर्ज हुआ था, जिसमें जबरन रोकने, हत्या के प्रयास, चोट पहुंचाने और निर्वस्त्र करने की धाराएं जोड़ी गई थीं। बाद में नाबालिग पाए जाने पर कोर्ट के आदेश से पॉक्सो एक्ट जोड़ा गया।

हालांकि, सीबीआई ने 12 फरवरी को दर्ज अपने केस में फिलहाल पॉक्सो एक्ट शामिल नहीं किया है। एजेंसी ने वही धाराएं लगाई हैं, जो चित्रगुप्तनगर थाने में दर्ज थीं। अब जांच एजेंसी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सहारे सच्चाई की तह तक जाने की तैयारी में है।

सीबीआई छात्रा के मोबाइल का छह महीने का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालेगी। बैंक खातों की लेन-देन की जांच होगी। कपड़ों पर मिले संदिग्ध स्पर्म सैंपल की रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर नमूनों को दिल्ली स्थित एफएसएल भेजा जा सकता है। संदिग्धों के नए सैंपल भी लिए जाने की संभावना है।

मामले ने सियासी पारा भी चढ़ा दिया था। विधानसभा के बजट सत्र से पहले आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लग गई थी। परिवार ने यौन उत्पीड़न और केस दबाने की कोशिश का इल्ज़ाम लगाया था। पुलिस ने हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था, लेकिन अब पूरी जांच सीबीआई के हाथ में है।

मामले में संदिग्ध आरोपी की गिरफ्तारी को सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए गए हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। ऐसे में सीबीआई की पहली प्राथमिकता सबूतों को मजबूत करना और फरार व्यक्ति तक पहुंच बनाना होगी।

छात्रा के परिजनों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक दोषी सलाखों के पीछे नहीं पहुंचता, न्याय अधूरा रहेगा।अब सबकी निगाहें सीबीआई की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या केंद्रीय जांच एजेंसी इस गुत्थी को सुलझा पाएगी और दरिंदे को कानून के कटघरे तक ला पाएगी यह आने वाला वक्त तय करेगा।