Patna Police Crime: कार में टक्कर मार कर भाग रहे पुलिस अफसर का सरेआम युवती ने पकड़ा कॉलर! पीछा कर भाग रहे खाकीधारी को पटना के मीठापुर के पास पकड़ा, सड़क पर जमकर हुआ बवाल,केस डायरी छीन ले गई, महकमे में हड़कंप

Patna Police Crime: पटना में वाहन टक्कर से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते सड़क पर ऐसी तनातनी में तब्दील हो गया, जिसमें पर्वेक्षक पदाधिकारी के कॉलर तक कोे पकड़ने की सूचना है.....

पुलिस अफसर का सरेआम युवती ने पकड़ा कॉलर! - फोटो : reporter

Patna Police Crime:  पटना के मीठापुर इलाके में परसा बाजार थाना प्रभारी के साथ हुए कथित विवाद ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। वाहन टक्कर से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते सड़क पर ऐसी तनातनी में तब्दील हो गया, जिसमें पर्वेक्षक पदाधिकारी से कथित बदसलूकी, कॉलर पकड़ने और केस डायरी से जुड़े दस्तावेज लेकर वीडियो बनाने तक के आरोप सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है और जांच के बाद ही आरोपों की असलियत सामने आएगी।

बताया जा रहा है कि परसा बाजार पर्वेक्षक पदाधिकारी सरकारी वाहन से पटेल भवन से थाने की ओर रवाना हुए थे। इसी दौरान पटेल भवन के आगे एक अन्य वाहन से सरकारी गाड़ी की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी मामूली बताई जा रही है कि सरकारी वाहन पर सिर्फ खरोंच आने की बात सामने आई। मगर सड़क पर हुई यह मामूली टक्कर आगे चलकर विवाद की ऐसी पटकथा लिख गई, जिसकी गूंज अब पुलिस महकमे तक पहुंच गई है।

कार में टक्कर मार कर परसा के पुलिस अफसर पर्वेक्षक पदाधिकारी बिना कुछ कहे सुने गाड़ी से आगे बढ़े तो  काली कार में सवार एक युवक और युवती ने सरकारी वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया। दोनों मीठापुर तक पहुंचे, जहां जाम के दौरान कथित तौर पर वाहन रोककर थाना प्रभारी से बहस शुरू कर दी गई। मामला कहासुनी से आगे बढ़ा और आरोप है कि पर्वेक्षक पदाधिकारी का कॉलर पकड़कर उनके साथ अभद्रता की गई। 

यहीं से मामला और पेचीदा हो गया। आरोपों के मुताबिक, केस डायरी से संबंधित दस्तावेज भी कथित तौर पर अपने कब्जे में ले लिए गए और उनका वीडियो बनाया गया। इसके बाद युवक-युवती कथित रूप से उन दस्तावेजों को लेकर मौके से निकल गए। अगर यह आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो सवाल सिर्फ सड़क पर हुए विवाद का नहीं, बल्कि पुलिस से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा का भी खड़ा होगा।घटना की सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने की बात कही जा रही है। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने की भी चर्चा है। अब तफ्तीश की नजर इस बात पर टिकी है कि गाड़ी के खरोंच से शुरू हुआ यह विवाद आखिर इस तक मोड़ पर पहुंचा कैसे और केस डायरी के दस्तावेजों को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल हर आरोप को जांच के तराजू पर तौला जाना बाकी है। पुलिस की पड़ताल ही तय करेगी कि सड़क पर हुई कहासुनी महज गुस्से का इजहार थी या फिर पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई और खेल छिपा था या पर्वेक्षक पदाधिकारी साहब की कार को टक्कर मार कर सामान्य दिखाने की कोशीश...बहरहाल अब ये जांच का विषय है कि आखिर टक्कर मारने के बाद खाकी धारी भाग क्यों खड़े हुए, क्यों युवती को पीछा करना पड़ा...पुलिस की इज्जत का छीछालेदर हुआ सो अलग...

रिपोर्ट- रंजीत कुमार