Bihar Crime: बिहार में डॉक्टर की गुंडागर्दी! बच्चों की खबर करने पहुंचे पत्रकार को अस्पताल में पीटा, ऑपरेशन थिएटर में किया बंद

Bihar Crime: सदर अस्पताल से पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों में मीडिया की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ...

हम तुम्हारे बाप हैं...- फोटो : reporter

Bihar Crime: सहरसा सदर अस्पताल से पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों में मीडिया की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की कवरेज करने पहुंचे स्थानीय डिजिटल मीडिया के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ अस्पताल के प्रभारी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. एसके आजाद और कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें कुछ लोग पत्रकार को अस्पताल परिसर में दौड़ाते और उनके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के मुताबिक, कहरा प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद बच्चों को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी मामले की हकीकत जानने और बच्चों व उनके परिजनों का पक्ष रिकॉर्ड करने पत्रकार अभिषेक कुमार अस्पताल पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान अस्पताल में मौजूद डॉ. एसके आजाद तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ पत्रकार की कहासुनी हो गई। इसके बाद विवाद ने कथित तौर पर उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि पत्रकार के साथ मारपीट की गई और उनका मोबाइल व कैमरा छीनने की कोशिश भी हुई। कुछ दावों में उन्हें ऑपरेशन थिएटर में बंद कर पीटे जाने की बात भी कही गई है।

वायरल वीडियो में पत्रकार को कुछ लोगों द्वारा अस्पताल परिसर में दौड़ाते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद उनके साथ मारपीट का दृश्य भी नजर आता है। घटना के दौरान कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन तमाम आरोपों की वास्तविकता और घटनाक्रम की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।मारपीट में घायल पत्रकार को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों में आक्रोश है। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने की बात भी सामने आई है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत पुष्टि नहीं हुई है।

सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।अब बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों की खबर जुटाने पहुंचे पत्रकार के साथ आखिर विवाद इतना क्यों बढ़ा कि मामला कथित मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस-प्रशासन की जांच के बाद ही इस पूरे प्रकरण की असल तस्वीर सामने आएगी।