धन कुबेर निकला शिक्षा विभाग का अधिकारी, काली कमाई का साम्राज्य बेनकाब, इतनी दौलत देख कर चकरा गए EOU के अफसर
Bihar Crime: शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर की कथित काली कमाई का ऐसा हिसाब सामने आया है, जिसने सरकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है।...
Bihar Crime: बिहार के सहरसा में तैनात शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर की कथित काली कमाई का ऐसा हिसाब सामने आया है, जिसने सरकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है। आर्थिक अपराध इकाई की शुक्रवार को सारण, सहरसा और सीवान में चार ठिकानों पर हुई छापेमारी में करोड़ों की चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और जेवरात बरामद होने की बात सामने आई है।
ईओयू के मुताबिक फरवरी 2022 में सरकारी सेवा में आए अजीत अमर ने पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर सारण के एकमा में करीब छह बीघा नौ कट्ठा आठ धूर जमीन खरीदी। दस्तावेजों में इसकी कीमत 41.50 लाख रुपये बताई गई है, जबकि जांच एजेंसी को इससे अधिक भुगतान से जुड़े कागजात भी मिले हैं।
छापेमारी में निजी आवास से करीब 40.05 लाख रुपये के आभूषण मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा वर्ष 2023 से 2025 के बीच करीब 27 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीद के दस्तावेज भी जांच के घेरे में हैं। सीवान के पैतृक भूखंड पर 50 लाख रुपये से अधिक कीमत का मकान, महिंद्रा स्कॉर्पियो और यामाहा एफएच बाइक समेत अन्य संपत्तियों का भी पता चला है।
सबसे बड़ा सवाल आय और संपत्ति के बीच के इस कथित फासले पर है। ईओयू के अनुसार करीब साढ़े चार वर्ष के सेवाकाल में अजीत अमर को वेतन से लगभग 38 लाख रुपये प्राप्त हुए, जबकि जांच में उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 72.35 फीसदी अधिक पाई गई है।
ईओयू की टीम ने दरौंदा थाना क्षेत्र के रैनी स्थित पैतृक मकान, सहरसा के नया बाजार स्थित किराये के आवास, सरकारी कार्यालय कक्ष और छपरा गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास की तलाशी ली। सारण में डीपीओ (योजना एवं लेखा) के पद पर प्रतिनियुक्ति के दौरान भी उन पर भ्रष्टाचार के जरिए अवैध धन अर्जित करने के आरोप लगे थे। स्थानीय जांच के बाद उन्हें सहरसा वापस भेजा गया था। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओयू ने एफआईआर दर्ज कर जांच का शिकंजा कस दिया है। छापेमारी में मिले दस्तावेज और संपत्तियों का पूरा हिसाब जांच के आगे बढ़ने के साथ और खुलने की उम्मीद है।