Bihar Crime: EOU अफसर बनकर आए नकली जांच दल का तांडव! ज्वेलर्स को बंधक बनाकर लाखों की लूट, बिहार पुलिस की वर्दी और हूटर का भी हुआ दुरुपयोग

Bihar Crime: बिहार में नकली अफसर बने अपराधियों का एक गिरोह ऐसा तांडव मचाए हुए कि लोग त्रस्त हैं।....

EOU अफसर बनकर आए नकली जांच दल का तांडव! - फोटो : social Media

Bihar Crime:बिहार में अपराधियों का एक गिरोह ऐसा तांडव मचाए हुए कि लोग त्रस्त हैं। सारण में कभी  खुद को  IAS अधिकारी बताकर जिलाधिकारी से मिलने उनके कार्यालय में नकली अफसर पहुंच जाता हैं तो कभी ईओयू के अधिकारी बन कर लूट की वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। छपरा जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अपराधियों ने खाकी और सरकारी तंत्र की आड़ लेकर एक बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। दरियापुर थाना क्षेत्र के पास फर्जी आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारी बनकर आए बदमाशों ने आभूषण कारोबारियों को बंधक बनाकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार मढ़ौरा के सोनापट्टी निवासी ज्वेलर्स कुंदन कुमार, संदीप कुमार और आनंद कुमार पटना से आभूषण खरीदकर अपने चालक अफरोज के साथ स्विफ्ट कार से लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी दरियापुर थाना पार कर आगे बढ़ी, तभी बिहार सरकार लिखी और हूटर लगी एक संदिग्ध इनोवा कार ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया। अंदर से निकले छह नकाबपोश अपराधियों ने खुद को EOU का अधिकारी बताकर जांच का बहाना बनाया और पूरे रूट को ही अपने कब्जे में ले लिया।

अपराधियों ने सबसे पहले गाड़ी के चालक को कब्जे में लिया और फिर दो कारोबारियों को अपनी इनोवा में बैठा लिया, जबकि बाकी बदमाशों ने उनकी कार को खुद ड्राइव करना शुरू कर दिया। इसके बाद जांच के नाम पर शुरू हुआ वह खेल, जो पूरी तरह लूटपाट और आतंक में बदल गया।

सूत्रों के मुताबिक दोनों गाड़ियां दरियापुर से परसा, सोनहो और छपरा रोड की ओर बढ़ी, लेकिन जैसे ही टोल प्लाजा सामने आया, रास्ता बदल दिया गया। इसके बाद वाहन अमनौर, मढ़ौरा, पटेढ़ा, खैरा और नगरा की ओर लगातार घूमते रहे। करीब दो घंटे तक हथियारों के बल पर कारोबारी लगातार डर और दहशत में रखे गए, उनसे पूछताछ के साथ मारपीट भी की गई।इसी दौरान अपराधियों ने सोना-चांदी के आभूषण, नकदी, छह मोबाइल फोन, चेन, अंगूठी और वाहन की चाबी समेत करीब साढ़े 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति लूट ली और फिर मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ितों ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि अपराधियों ने सरकारी पहचान और हूटर का इस्तेमाल कर पूरी वारदात को अंजाम दिया, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।इस वारदात ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कैसे अपराधी सरकारी तंत्र की नकली पहचान बनाकर खुलेआम वारदात कर निकल जाते हैं।