Bihar News: निजी अस्पताल में बीडीसी की पत्नी की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा, प्राइवेट हॉस्पिटल की निगरानी पर फिर उठे सवाल

Bihar News: निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 30 वर्षीय महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ।

निजी अस्पताल में बीडीसी की पत्नी की मौत- फोटो : reporter

Bihar News: सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र में निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 30 वर्षीय महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। ब्लॉक रोड स्थित राज हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और कर्मियों पर इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। आक्रोशित परिजन दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

मृतका की पहचान बनियापुर थाना क्षेत्र के भूमिहारा गांव निवासी पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) पवन कुमार की पत्नी आरती कुमारी के रूप में हुई है। मृतका के पति पवन कुमार के मुताबिक, आरती को ब्लीडिंग की शिकायत के बाद राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई।महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस पहुंची तो भी शांत नहीं हुए परिजन

हंगामे की सूचना मिलने के बाद एकमा थानाध्यक्ष राम बालक यादव पुलिस बल के साथ राज हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एकमा के एएसपी प्रेमचंद सिंह भी मौके पर पहुंचे।

पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और मामले में नियमानुसार जांच व कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

प्राथमिकी के लिए पुलिस को दिया आवेदन

मृतका के पति पवन कुमार ने अस्पताल के कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को आवेदन दिया है। आवेदन में इलाज में कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

निजी अस्पतालों की निगरानी पर फिर उठे सवाल

घटना के बाद सारण में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की चिकित्सा व्यवस्था तथा स्वास्थ्य विभाग की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर गंभीर मरीजों के इलाज के दौरान अस्पताल में जरूरी चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता, प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी तथा आपात स्थिति में मरीज को समय पर बेहतर चिकित्सा केंद्र रेफर करने जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।

हालांकि, परिजनों के आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।

रिपोर्ट- धीरज