शिवहर: 8 हजार रुपये रिश्वत लेते कृषि कार्यालय का बड़ा बाबू गिरफ्तार, लाइसेंस के बदले मांगी थी घूस

रिश्वत लेते कृषि कार्यालय का बड़ा बाबू गिरफ्तार- फोटो : मनोज कुमार

Sheohar : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को टीम ने शिवहर जिला कृषि कार्यालय के बड़ा बाबू (प्रधान लिपिक) बिजेन्द्र कुमार को 8,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।


खाद-बीज लाइसेंस के बदले मांगी थी रिश्वत 

निगरानी ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, पिपराही थाना क्षेत्र के माधोपुर सिंगाही गांव निवासी मनिषा देवी ने इस संबंध में पटना स्थित ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादिनी ने आरोप लगाया था कि आरोपी बड़ा बाबू बिजेन्द्र कुमार द्वारा उनके खाद एवं बीज की दुकान का लाइसेंस बनवाने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने गुप्त रूप से इसका सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया।


कार्यालय कक्ष से हुई गिरफ्तारी 

आरोप की पुष्टि होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने कांड संख्या-055/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस उपाधीक्षक शिव कुमार साह के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (छापेमारी टीम) का गठन किया गया। बुधवार को जैसे ही मनिषा देवी ने जिला कृषि कार्यालय स्थित बड़ा बाबू के कक्ष में उन्हें रिश्वत की राशि दी, पहले से जाल बिछाए खड़ी निगरानी की टीम ने बिजेन्द्र कुमार को दबोच लिया।


निगरानी ब्यूरो की सख्त कार्रवाई

 गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम आरोपी को अपने साथ पटना ले गई है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त किसी भी सरकारी सेवक को बख्शा नहीं जाएगा। प्रथम दृष्टया मामला पूरी तरह सही पाया गया है और बरामद की गई रिश्वत की राशि को भी साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है।


मनोज की रिपोर्ट