Government Pension: खुशखबरी! अब हर महीने मिलेंगे 10,000 रुपए, सरकार का बड़ा ऐलान, जानिए किसे मिलेगा फायदा

Government Pension: अटल पेंशन योजना के तहत मिलने वाली गारंटीड पेंशन की सीमा बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।

हर महीने मिलेंगे 10 हजार! - फोटो : social media

Government Pension: केंद्र की मोदी सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली न्यूनतम गारंटीड पेंशन की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद बढ़ते खर्च को देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। फिलहाल इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक मासिक पेंशन मिलती है, जिसे अब बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

असंगठित क्षेत्र के लिए अहम योजना

भारत में करीब 90% कार्यबल असंगठित क्षेत्र में काम करता है। जिनमें रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, दिहाड़ी मजदूर और छोटे कारोबारी शामिल हैं। इनके पास न तो नौकरी की सुरक्षा होती है और न ही सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं। ऐसे में APY जैसी योजनाएं उनके लिए बुढ़ापे का सहारा बनती हैं।

क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?

वित्त मंत्रालय और पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार पेंशन की अधिकतम सीमा ₹8,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह की जा सकती है, जिससे योजना और आकर्षक बनेगी।

मौजूदा स्थिति

अब तक इस योजना से 9 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। हालांकि, लगभग आधे सदस्य नियमित योगदान नहीं कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए सदस्य जुड़े हैं। सरकार का मानना है कि पेंशन बढ़ाने से लोगों की भागीदारी और स्थिरता दोनों बढ़ेगी।

कैसे होगा विस्तार?

सरकार ‘पेंशन सखी’ और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) के माध्यम से इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना बना रही है। साथ ही, नियमित योगदान सुनिश्चित करने पर भी फोकस किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि APY एक योगदान आधारित योजना है, जिसमें अधिकांश फंड सदस्य खुद जमा करते हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने इस योजना को वित्त वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों को दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।