केंद्र सरकार को लगा एक और झटका, पुराने व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस टेस्ट और आरसी रिनुअल के फ़ीस बढ़ोतरी पर लगी रोक, कोर्ट ने सुनाया फैसला
TRANSPORT News : पुराने व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस टेस्ट और आरसी रिनुअल के फ़ीस बढ़ोतरी पर कोर्ट ने रोक लगा दिया है.....पढ़िए आगे
New Delhi : आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा पुराने व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस परीक्षण और प्रमाणपत्र नवीनीकरण के लिए बढ़ाई गई फीस पर अंतरिम रोक लगा दी है । न्यायाधीश के. श्रीनिवास रेड्डी की एकल पीठ ने 'आंध्र प्रदेश लॉरी ओनर्स एसोसिएशन' द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया । न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचना संख्या GSR 850(E) के तहत शुल्क में की गई इस बढ़ोतरी पर अगले छह हफ्तों तक रोक रहेगी ।
यह कानूनी विवाद केंद्र सरकार द्वारा 11 नवंबर 2025 को जारी उस अधिसूचना से जुड़ा है, जिसमें 13, 15 और 20 साल से पुराने मध्यम और भारी मालवाहक या यात्री वाहनों के लिए फिटनेस शुल्क में भारी वृद्धि की गई थी । याचिकाकर्ताओं ने अदालत में तर्क दिया कि यह शुल्क वृद्धि 'असामान्य' है और सरकार बिना कोई अतिरिक्त सेवा प्रदान किए फीस के नाम पर टैक्स वसूल रही है । उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 19(g) और 265 का उल्लंघन बताते हुए इसे अवैध और मनमाना करार दिया ।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को अवगत कराया कि भारत के कई अन्य उच्च न्यायालयों ने भी इसी तरह की अधिसूचना पर पहले ही रोक लगा दी है । इसके साथ ही यह भी बताया गया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने स्वयं 22 दिसंबर 2025 को एक ज्ञापन जारी कर इस अधिसूचना को अगले आदेश तक स्थगित रखने का निर्णय लिया था । इन तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने शुल्क वृद्धि के विशेष प्रावधानों (Sl.No.10-B और Sl.No.11-A) के कार्यान्वयन पर स्टे जारी कर दिया ।
अदालत के इस फैसले से ट्रक, बस और अन्य भारी वाहन मालिकों को बड़ी वित्तीय राहत मिली है, जो लंबे समय से बढ़ी हुई फीस का विरोध कर रहे थे। याचिका में मांग की गई थी कि फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए पुराने, कम दरों पर ही शुल्क लिया जाए । अदालत ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार सहित सभी उत्तरदाताओं को नोटिस जारी कर दिया है और मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है ।
यह आदेश 28 जनवरी 2026 को पारित किया गया और 30 जनवरी 2026 को इसे औपचारिक रूप से प्रेषित (Despatch) कर दिया गया । परिवहन विभाग के अधिकारियों को अब इस अंतरिम आदेश के अनुपालन के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने होंगे। तब तक वाहन मालिक पुरानी दरों पर ही अपने वाहनों का फिटनेस परीक्षण करा सकेंगे, जिससे हजारों ट्रांसपोर्टरों को तात्कालिक लाभ मिलेगा।