CBSE Board Exam 2026: 12वीं के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री नियमों में बड़ा बदलाव
CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 18 फरवरी से शुरू हो रही 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के बीच एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। बोर्ड ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा (इंप्रूवमेंट एग्जाम) के नियमों को संशोधि
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 18 फरवरी से शुरू हो रही 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के बीच एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। बोर्ड ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा (इंप्रूवमेंट एग्जाम) के नियमों को संशोधित किया है। इस नए बदलाव का सीधा असर उन लाखों छात्रों पर पड़ेगा जो अपने अंकों में सुधार करने की योजना बना रहे थे।
अब केवल एक विषय में ही सुधार का मौका
सीबीएसई के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 12वीं बोर्ड के छात्र अब परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में सिर्फ एक विषय में नंबर सुधारने के लिए शामिल हो सकेंगे। इससे पहले छात्रों के पास एक से अधिक विषयों में सुधार के लिए परीक्षा देने का विकल्प होता था, लेकिन अब इस अवसर को बोर्ड ने सीमित कर दिया है।
अधिक विषयों के लिए करना होगा साल भर का इंतजार
यदि कोई छात्र एक से अधिक विषयों में अपने अंकों में सुधार करना चाहता है, तो उसके लिए नियम अब और कड़े हो गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि एक से ज्यादा विषयों में नंबर बढ़वाने के इच्छुक छात्रों को अब उसी साल मौका नहीं मिलेगा। ऐसे छात्रों को अगले शैक्षणिक वर्ष में आयोजित होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा (Main Exam) में प्राइवेट कैंडिडेट के तौर पर बैठना होगा।
जुलाई में प्रस्तावित है सप्लीमेंट्री परीक्षा
सीबीएसई ने नियमों के साथ-साथ संभावित कार्यक्रम की जानकारी भी साझा की है। बोर्ड के मुताबिक, मई 2026 में मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए सर्कुलर जारी किया जाएगा। फिलहाल, 12वीं कक्षा के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा की अस्थायी तिथि 15 जुलाई 2026 तय की गई है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया परिणाम आने के बाद शुरू होगी।
छात्रों की तैयारी पर क्या होगा असर?
नियमों में इस बदलाव का मतलब है कि अब छात्रों के पास 'सेकंड चांस' के विकल्प कम हो गए हैं। अंकों में सुधार की गुंजाइश सीमित होने के कारण छात्रों को अब मुख्य परीक्षा में ही बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। यदि मुख्य परीक्षा में एक से अधिक विषयों में प्रदर्शन खराब रहता है, तो छात्रों का पूरा एक साल प्रभावित हो सकता है।