मोदी सरकार ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया... संसद मार्च को जुटे हजारों प्रदर्शनकारी

CJP ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया था। भारी बारिश और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचते रहे।

CJP Protest - फोटो : news4nation

CJP Protest : परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे Cockroach Janta Party (CJP) के नेताओं को केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया है। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोमवार को कहा कि पार्टी के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं। सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब CJP के आह्वान पर सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे और संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत की पहल देर से हुई है, लेकिन CJP बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और अब गेंद सरकार के पाले में है। बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल के जेपी नड्डा से मिलने की संभावना है।


संसद मार्च को लेकर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी

CJP ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया था। भारी बारिश और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचते रहे। दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर प्रस्तावित मार्च की अनुमति नहीं दी थी और इसे रोकने के लिए मध्य दिल्ली में व्यापक बैरिकेडिंग की गई। यहाँ तक की दिल्ली मेट्रो के 5 स्टेशनों को बंद कर दिया गया है।  पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में निषेधाज्ञा लागू करते हुए कहा था कि बिना अनुमति संसद की ओर किसी भी जुलूस या मार्च को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। संसद और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए और सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों को भी बंद रखा गया।


क्यों हो रहा है CJP का आंदोलन?

CJP का यह आंदोलन कथित NEET-UG पेपर लीक और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। CJP का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए।


इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला। उन्होंने जंतर-मंतर पर लंबे समय तक भूख हड़ताल की। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन CJP नेताओं का कहना है कि आंदोलन और उनकी मांगें जारी रहेंगी। बीते दिनों पुलिस कार्रवाई और वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन और तेज हो गया।


संसद में भी उठा CJP आंदोलन का मुद्दा

CJP के प्रदर्शन और परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सोमवार को संसद में भी गूंजा। विपक्षी सांसदों ने NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक और छात्रों के भविष्य का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। इस दौरान सदन में हंगामा हुआ और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया गया। विपक्ष ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की।


इस बीच, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और CJP की ओर से सरकार के साथ बातचीत की तैयारी भी की जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जेपी नड्डा और CJP प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।