संसद सिर्फ विधेयक पास करने का जगह नहीं, उपदेश नहीं देश के मुद्दों पर बात करें मोदी : कांग्रेस

संसद सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सदन में यदि चर्चा तर्क और तथ्यों के आधार पर होगी, तो शोर-शराबे और ऊंची आवाज की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र देशहित में प्रभावी और उपयोगी साबित होगा।

Congress slams PM modi remarks- फोटो : news4nation

Congress slams PM modi remarks : संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्र से पहले दिए गए संबोधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपने भाषण में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे कई महत्वपूर्ण मुद्दों का जिक्र तक नहीं किया। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन उनके “पुराने और सामान्य उपदेशों” तक सीमित रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले, NEET-UG पेपर लीक और विपक्षी दलों को तोड़ने के कथित प्रयासों जैसे मुद्दों पर कुछ नहीं कहा।


जयराम रमेश ने कहा कि सरकार पर लोकतंत्र और संविधान के संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिशों के भी आरोप लग रहे हैं। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ और कथित असंवैधानिक VBSA बिल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को इन विषयों पर भी देश को जवाब देना चाहिए।


PM मोदी ने कहा- तर्क और तथ्यों के साथ हो बहस

संसद सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सदन में यदि चर्चा तर्क और तथ्यों के आधार पर होगी, तो शोर-शराबे और ऊंची आवाज की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र देशहित में प्रभावी और उपयोगी साबित होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह सक्रिय मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, उसी तरह यदि संसद का मानसून सत्र भी सक्रिय और उत्पादक रहे तो इससे देश और जनता का कल्याण सुनिश्चित होगा। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत पर प्रभाव और देश के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र का भी उल्लेख किया।


संसद सिर्फ बिल पास करने का मंच नहीं

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सरकार पर विपक्ष को पर्याप्त चर्चा का अवसर नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद केवल विधेयकों की घोषणा करने और उन्हें पारित कराने का मंच नहीं हो सकती। संसद वह जगह है जहां सांसद जनता की आवाज को सरकार के सामने रखते हैं। थरूर ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार के पास बहुमत होने के बावजूद विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अयोध्या में कथित चंदा अनियमितता, NEET-UG पेपर लीक और ‘छात्रों की गूंज’ अभियान से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना चाहती है, लेकिन सरकार इन पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है।


CJP प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का भी विरोध

संसद की ओर मार्च कर रहे Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर भी शशि थरूर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो बल प्रयोग की जरूरत क्यों पड़ी। थरूर ने कहा कि लाठीचार्ज अहिंसक कार्रवाई नहीं, बल्कि हिंसा का एक रूप है। उन्होंने संसद के आसपास प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को इस तरह नहीं रोका जाना चाहिए।