राहुल गांधी के खिलाफ बंद हुआ मानहानि केस, सावरकर टिप्पणी मामले में हुआ बड़ा फैसला
शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
Rahul Gandhi : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को महाराष्ट्र के नासिक की एक आपराधिक अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर की गई टिप्पणियों से जुड़े मानहानि मामले को बंद कर दिया है। यह फैसला अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आर.एल. नरवाडे की अदालत ने बुधवार को सुनाया। मामला वर्ष 2022 में गांधी द्वारा भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़ा था। उस समय अकोला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सावरकर से जुड़े कुछ ऐतिहासिक दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए बयान दिया था।
राहुल गांधी के खिलाफ यह शिकायत नासिक स्थित निर्भय फाउन्डेशन के अध्यक्ष देवेंद्र भूटुआ ने दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 15 और 16 जून 2022 को हिंगोली और अकोला में आयोजित रैलियों के दौरान गांधी की टिप्पणियां मानहानिकारक और अपमानजनक थीं।
शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सितंबर 2024 में नासिक अदालत ने इस मामले में राहुल गांधी को समन जारी किया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी और कार्यवाही में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति दी गई थी। सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था।
रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने पहले दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत जांच का आदेश दिया था। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में आवेदन देकर मामला वापस लेने की मांग की। इसके बाद अदालत ने मानहानि से जुड़ी पूरी कार्यवाही को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया।