'संसद को भाजपा ऑफिस मत बनाएं'... ओम बिरला को स्पीकर पद से हटाने के प्रस्ताव पर पीएम मोदी पर खूब बरसी सायोनी
उन्होंने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है। उनके अनुसार रेलवे बजट को खत्म कर दिया गया है और कई बार आधी रात को बिल लाए जा रहे हैं।
Om Birla : तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सायोनी घोष ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि संसद को “पार्टी ऑफिस” में बदला जा रहा है और विपक्षी सांसदों की आवाज को दबाया जा रहा है। लोकसभा में ओम बिरला को स्पीकर पद से हटाने के प्रस्ताव पर हो रही बहस के दौरान सायोनी घोष ने कहा कि संसद में लोकतंत्र लगभग खत्म होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी स्पीकर से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन यह निष्पक्षता और सदन की गरिमा का सवाल है।
घोष ने कहा, “संसद में शायद ही कोई लोकतंत्र बचा है। हमारी राय को दबाया जाता है। जब हम अपने अधिकारों के लिए ही लड़ रहे हैं तो फिर जनता के लिए कैसे लड़ पाएंगे?” उन्होंने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है। उनके अनुसार रेलवे बजट को खत्म कर दिया गया है और कई बार आधी रात को बिल लाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विपक्षी नेताओं को सदन में किताबों के उद्धरण देने की अनुमति नहीं दी जाती, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं को इसकी छूट मिल जाती है। सायोनी घोष ने आगे कहा कि .राहुल गांधी, अभिषेक बनर्जी, अखिलेश यादव जैसे नेताओं को भी सदन में अपनी बात रखने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि व्यक्तिगत अहंकार के चलते लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सदन में कहा कि उन्हें कई बार लोकसभा में बोलने से रोका गया। उन्होंने कहा कि यह सदन किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है।