भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह दोषी करार, डॉक्टर की हत्या मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला
राजू सिंह को लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) के तहत दोषी पाया।
Bihar News : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। वर्ष 2018 में दिल्ली में आयोजित एक न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में महिला डॉक्टर की मौत के मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया है। कोर्ट ने गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषसिद्धि के बाद विधायक को तत्काल हिरासत में लेने का आदेश दिया। मामले में सजा का ऐलान 9 जून को किया जाएगा।
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है। दक्षिण दिल्ली के एक फार्महाउस में आयोजित नववर्ष समारोह के दौरान कथित तौर पर हर्ष फायरिंग की गई थी। इसी दौरान चली गोली से डॉ. अर्चना गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद फतेहपुर बेरी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस समय इस मामले ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं और सार्वजनिक आयोजनों में हर्ष फायरिंग की घटनाओं को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई थी।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) के तहत दोषी पाया। अदालत ने माना कि आरोपी को अपने कृत्य के संभावित घातक परिणामों की जानकारी थी, भले ही हत्या करने का प्रत्यक्ष इरादा साबित नहीं हुआ। इसके अलावा अदालत ने उन्हें आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत भी दोषी करार दिया है।
पत्नी समेत तीन आरोपियों को राहत
मामले में विधायक की पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान इन तीनों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में उन्हें संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त किया जाता है।

अभियोजन के दावे को कोर्ट ने माना
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष दावा किया कि हर्ष फायरिंग की घटना में राजू कुमार सिंह की भूमिका स्पष्ट रूप से स्थापित होती है। जांच एजेंसियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्य अदालत में पेश किए थे। वहीं बचाव पक्ष ने विधायक को निर्दोष बताते हुए आरोपों को खारिज करने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए दोषसिद्धि का फैसला सुनाया।
9 जून को सजा पर होगी सुनवाई
दोषी ठहराए जाने के बाद अब सभी की नजरें 9 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत सजा की अवधि तय करेगी। अभियोजन पक्ष जहां कड़ी सजा की मांग कर सकता है, वहीं बचाव पक्ष राहत देने की अपील करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अदालत के अंतिम फैसले का असर केवल राजू कुमार सिंह की कानूनी स्थिति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके राजनीतिक भविष्य पर भी इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल दोषसिद्धि के बाद विधायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं और उनके समर्थकों की निगाहें 9 जून के फैसले पर टिकी हुई हैं।