मिशन 2026: इसी हफ्ते होगा 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान; बंगाल दौरे के बाद दिल्ली लौटेगी चुनाव आयोग की फुल बेंच

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में चुनाव आयोग की बेंच 10 मार्च को बंगाल दौरा खत्म कर दिल्ली लौटेगी। इसके तुरंत बाद असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है।

New Delhi - भारत निर्वाचन आयोग (ECI) इस सप्ताह देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के बिगुल फूंकने की पूरी तैयारी में है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में आयोग की पूरी बेंच वर्तमान में पश्चिम बंगाल के दौरे पर है, जहाँ चुनावी तैयारियों की अंतिम समीक्षा की जा रही है। इस बेंच में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी शामिल हैं, जो बंगाल के जमीनी हालातों का जायजा ले रहे हैं।

बंगाल दौरे के बाद दिल्ली में होगा बड़ा फैसला

निर्वाचन आयोग की यह हाई-प्रोफाइल टीम असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल का दौरा पहले ही पूरा कर चुकी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पूरी बेंच 10 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल से दिल्ली वापस लौटेगी। इसके तुरंत बाद आयोग एक उच्च स्तरीय बैठक करेगा, जिसमें चुनावी शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि इसी हफ्ते के अंत तक तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।

विधानसभाओं के कार्यकाल और समय सीमा

इन राज्यों में चुनाव कराना इसलिए भी अनिवार्य है क्योंकि इनकी मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल मई के पहले और दूसरे पखवाड़े में समाप्त हो रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है, जबकि तमिलनाडु का 10 मई को। इसी तरह, असम विधानसभा की अवधि 20 मई और केरल की 23 मई तक ही है। समय रहते नई सरकार के गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया को अप्रैल-मई के दौरान पूरा करना आयोग की प्राथमिकता है।

पारदर्शिता के लिए 100% वेबकास्टिंग की शुरुआत

इस बार के विधानसभा चुनावों में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा, जहाँ चुनाव आयोग ने सभी पोलिंग स्टेशनों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग लागू करने का निर्णय लिया है। इससे पहले केवल संवेदनशील केंद्रों या 50 प्रतिशत बूथों पर ही यह सुविधा होती थी, लेकिन बिहार चुनाव की सफलता के बाद अब इसे इन पांचों राज्यों में विस्तार दिया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मतदान प्रक्रिया की 'रियल-टाइम' मॉनिटरिंग करना और किसी भी गड़बड़ी को तुरंत रोकना है।

स्थानीय त्योहारों और सुझावों का रखा जाएगा ध्यान

चुनाव की तारीखें तय करते समय आयोग ने विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा दिए गए सुझावों को भी गंभीरता से लिया है। असम जैसे राज्यों में दलों ने अपील की थी कि चुनाव का शेड्यूल तय करते समय आने वाले 'बिहू' त्योहार का ध्यान रखा जाए। साथ ही, असम में अधिकतर पार्टियों ने चुनाव को एक या अधिकतम दो चरणों में संपन्न कराने की मांग की है। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि स्थानीय संस्कृति और त्योहारों के आधार पर ही मतदान के दिन तय किए जाएंगे।

मतदाता जागरूकता और सूचियों का पुनरीक्षण

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने मतदाता सूचियों के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का कार्य पूरा कर लिया है। असम को छोड़कर बाकी चार क्षेत्रों में गहन पुनरीक्षण किया गया है, जबकि असम में विशेष पुनरीक्षण (SR) किया गया है। इसके साथ ही, SVEEP कार्यक्रम के तहत मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।