भारत मंडपम में हुए उत्पात पर HAM के प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार का तीखा प्रहार

New Delhi : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार ने भारत मंडपम में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान हुए उत्पात और अव्यवस्था पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते

भारत मंडपम में हुए उत्पात पर HAM के प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार का तीखा प्रहार, कहा- ‘मर्यादा और राष्ट्रहित सर्वोपरि’

New Delhi : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार ने भारत मंडपम में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान हुए उत्पात और अव्यवस्था पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे देश की छवि के लिए नुकसानदेह बताया। रजनीश कुमार ने स्पष्ट किया कि भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।


अंतरराष्ट्रीय मंच पर धूमिल होती है देश की छवि

रजनीश कुमार ने कहा कि भारत मंडपम जैसे स्थान देश-विदेश के प्रतिनिधियों की उपस्थिति के साक्षी बनते हैं। यह मंच भारत की गरिमा, समृद्ध लोकतांत्रिक परंपराओं और हमारी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसी अप्रिय घटनाएँ न केवल देश की छवि को प्रभावित करती हैं, बल्कि यह कृत्य राष्ट्रहित के भी पूरी तरह प्रतिकूल है।


लोकतांत्रिक तरीकों के पालन की नसीहत

अपने संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है जहाँ वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है। हालांकि, किसी भी राजनीतिक असहमति या विरोध को व्यक्त करने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों का ही पालन किया जाना चाहिए। रजनीश कुमार के अनुसार, विरोध की आड़ में मर्यादाओं को लांघना और अव्यवस्था फैलाना स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान नहीं है।


राजनीतिक दलों से संयम बरतने की अपील

हम (HAM) के प्रदेश अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों और संगठनों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में संयम, जिम्मेदारी और परिपक्वता का परिचय दें। उन्होंने कहा कि जब बात देश की प्रतिष्ठा और सम्मान की हो, तो हर दल को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए ताकि वैश्विक स्तर पर भारत का मस्तक हमेशा ऊंचा रहे।


लोकतंत्र में विरोध का अधिकार, लेकिन दायरे में

बयान के अंत में रजनीश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सबको प्राप्त है, लेकिन उसकी अभिव्यक्ति सदैव मर्यादा और राष्ट्रहित की सीमाओं के भीतर होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्र की गरिमा से समझौता करके की गई राजनीति कभी फलदायी नहीं हो सकती और जनता ऐसी हरकतों को बारीकी से देख रही है।