NEET Paper Leak 2026: पुणे की लेक्चरर और NTA एक्सपर्ट निकली मास्टरमाइंड,CBI जांच में खुले राज अबतक 9 गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसे-जैसे इस पूरे नेटवर्क की परतें खोल रही है, वैसे-वैसे कई हैरान करने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि परीक्षा प्रणाली में सेंध बाहर से नहीं लगाई गई, बल्कि सिस्टम से जुड़े कुछ लोगों ने ही.

NEET Paper Leak 2026 पुणे की लेक्चरर और NTA एक्सपर्ट निकली मास्टरमाइंड- फोटो : Reporter

देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी 2026' एक बार फिर बड़े विवादों में घिर गई है। सीबीआई (CBI) की शुरुआती तफ्तीश में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस बार परीक्षा प्रणाली में सेंध बाहर से नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे जिम्मेदार लोगों की मदद से लगाई गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए जिन विशेषज्ञों को नियुक्त किया गया था, उन्होंने ही भरोसे का खून करते हुए प्रश्न पत्रों को समय से पहले बाहर निकाल दिया। इस हाई-प्रोफाइल अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए जांच एजेंसी ने अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


पुणे की लेक्चरर बनी मास्टरमाइंड, रिटायर्ड प्रोफेसर ने बुना साजिश का ताना-बाना

इस पूरे काले कारोबार के केंद्र में दो मुख्य चेहरे सामने आए हैं, जिनमें पुणे की एक सीनियर बॉटनी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को इस साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है। एनटीए (NTA) के एक्सपर्ट पैनल में शामिल होने के कारण मनीषा की पहुंच सीधे गोपनीय प्रश्न पत्रों तक थी। इस साजिश में उनका साथ लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी ने दिया, जो लंबे समय से एनटीए की परीक्षा प्रक्रियाओं से गहराई से जुड़े हुए थे। इन दोनों ने मिलकर अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही इस खेल की रूपरेखा तैयार कर ली थी और मोटी रकम वसूलने के लिए कड़ियां जोड़ना शुरू कर दिया था।



ब्यूटी सैलून मालकिन का साथ और रईस लेकिन कमजोर छात्रों पर टारगेट

प्रोफेसर कुलकर्णी ने अपने इस नेटवर्क को फैलाने के लिए पुणे में ब्यूटी सैलून चलाने वाली अपनी सहयोगी मनीषा बागमारे को भी इस खेल में शामिल किया। मनीषा बागमारे का मुख्य काम ऐसे उम्मीदवारों और उनके परिवारों को खोजना था जो इस काम के लिए भारी-भरकम रकम दे सकें। इस सिंडिकेट ने जानबूझकर ऐसे छात्रों को अपना टारगेट बनाया जो पढ़ाई-लिखाई में बेहद कमजोर थे, लेकिन जिनके माता-पिता की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत थी। इस अवैध काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए तस्करों ने पुराने छात्रों और इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के युवाओं को बतौर एजेंट बाजार में उतार रखा था।



पुणे में सीक्रेट क्लास का संचालन: थ्योरी नहीं, सीधे रटवाए गए असली सवाल

छात्रों से डील फाइनल होने के बाद पुणे में प्रोफेसर कुलकर्णी के घर पर बेहद गुपचुप तरीके से एक विशेष कोचिंग क्लास शुरू की गई। यह कोई साधारण शैक्षणिक क्लास नहीं थी, बल्कि यहां छात्रों का कोई कांसेप्ट या थ्योरी नहीं समझाई जा रही थी। इस सीक्रेट क्लास में देश की सबसे कठिन परीक्षा के असली सवाल, उनके चारों विकल्प और सही उत्तरों को सीधे रटवाया जा रहा था। छात्र चुपचाप इन सवालों को अपनी कॉपियों में नोट कर रहे थे, जिन्हें बाद में सीबीआई ने छापेमारी के दौरान जब्त किया। जब इन नोटबुक्स का मिलान 3 मई को हुए असली नीट पेपर से किया गया, तो सारे सवाल हूबहू मैच कर रहे थे।



लातूर के मॉक टेस्ट से खुला राज, सजग अभिभावकों ने पुलिस तक पहुंचाया मामला

इस बेहद शातिराना ढंग से रची गई साजिश का भंडाफोड़ तब हुआ जब महाराष्ट्र के लातूर में एक कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट में अचानक 42 ऐसे सवाल पूछ लिए गए, जो ठीक दो दिन बाद असली नीट परीक्षा में आने वाले थे। परीक्षा के दिन जब असली प्रश्न पत्र सामने आया, तो मॉक टेस्ट के सवालों से इसका हूबहू मिलान देखकर कुछ जागरूक अभिभावकों के कान खड़े हो गए। उन्होंने बिना देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता, इसके व्यापक प्रभाव और अंतर-राज्यीय कनेक्शन को देखते हुए गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह केस तुरंत सीबीआई को सौंप दिया गया।



देशव्यापी छापेमारी में 9 आरोपी गिरफ्तार, 2024 के पेपर लीक से भी जुड़ रहे तार

मामला हाथ में लेते ही सीबीआई ने देशव्यापी एक्शन शुरू किया और जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे तथा अहिल्या नगर से कुल 9 लोगों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य मास्टरमाइंड मनीषा मंधारे, प्रोफेसर कुलकर्णी, एजेंट यश यादव, और वित्तीय लेनदेन संभालने वाला बीवाल परिवार शामिल है। इसके अलावा नासिक के शुभम खैरनार और अहिल्या नगर के आयुर्वेद डॉक्टर धनंजय लोखंडे को भी हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसी अब प्रोफेसर कुलकर्णी के पुराने रिकॉर्ड और पिछले सालों के इतिहास को खंगाल रही है, क्योंकि अधिकारियों को पुख्ता अंदेशा है कि इस सिंडिकेट के तार नीट 2024 के पेपर लीक और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों से भी जुड़े हो सकते हैं।