शरजील इमाम को मिली सशर्त जमानत: न मीडिया से बात करेंगे, न सोशल मीडिया पर रहेंगे एक्टिव

दिल्ली दंगों के अभियुक्त शरजील इमाम को कड़कड़डूमा कोर्ट से 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली है. उन्हें अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए मानवीय आधार पर जमानत दी हई है. कोर्ट ने सोशल मीडिया और मीडिया से दूरी बनाए रखने की शर्त रखी है.

शरजील इमाम को मिली सशर्त जमानत: न मीडिया से बात करेंगे, न सोशल मीडिया पर रहेंगे एक्टिव- फोटो : news 4 nation

दिल्ली दंगों के आरोपी और जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें 10 दिनों की अंतरिम जमानत मंजूर की है, जिससे वह लंबे समय के बाद जेल से बाहर आ सकेंगे। एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेई की कोर्ट ने यह फैसला शरजील द्वारा दायर की गई उस याचिका पर सुनाया, जिसमें उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए रिहाई की मांग की थी।

भाई की शादी और बीमार मां का दिया हवाला

शरजील इमाम ने अपनी अर्जी में कोर्ट को बताया था कि उनके भाई की शादी होने वाली है और घर में उनकी उपस्थिति अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी मां की खराब सेहत का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी देखभाल करने वाला कोई दूसरा सदस्य मौजूद नहीं है। इन परिस्थितियों और पारिवारिक अनिवार्यताओं को ध्यान में रखते हुए, अदालत ने मानवीय आधार पर उनकी 10 दिनों की रिहाई की अनुमति दे दी।

सोशल मीडिया और मीडिया संपर्क पर सख्त पाबंदी

अंतरिम जमानत देते समय अदालत ने कुछ कड़ी शर्तें भी लागू की हैं। शरजील इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च तक जेल से बाहर रहने की अनुमति मिली है, लेकिन इस दौरान वह न तो सोशल मीडिया का उपयोग कर सकेंगे और न ही किसी मीडिया संस्थान से संपर्क करेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन शर्तों का उल्लंघन उनकी जमानत रद्द कर सकता है और उन्हें तुरंत वापस जेल भेजा जा सकता है।

दिल्ली दंगों की साजिश और UAPA के तहत आरोप

गौरतलब है कि शरजील इमाम साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रचने और भड़काऊ भाषण देने के गंभीर आरोपों में तिहाड़ जेल में बंद हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) जैसी सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के दौरान भड़की इस हिंसा में 53 लोगों की जान चली गई थी।

जमानत अवधि के बाद तिहाड़ जेल में वापसी

अदालत द्वारा दी गई यह राहत केवल 10 दिनों के लिए ही मान्य है। निर्धारित अवधि यानी 30 मार्च को जमानत की समय सीमा समाप्त होते ही शरजील इमाम को वापस तिहाड़ जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। वर्तमान में उन पर चल रहे अन्य मुकदमों की सुनवाई जारी रहेगी और इस अंतरिम राहत का उनके मुख्य केस की मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।