सरकारी आवास की निजता पर संकट: सांसद सुधाकर सिंह ने पब के खिलाफ खोला मोर्चा, सुरक्षा में बड़ी चूक का आरोप
बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने खान मार्केट स्थित अपने आवास के पास चल रहे पब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने लोक सभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सुरक्षा, निजता और नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए पब को तत्काल सील करने की मांग की है।
New Delhi : बक्सर से लोकसभा सांसद श्री सुधाकर सिंह ने नई दिल्ली के खान मार्केट स्थित अपने सरकारी आवास के पास संचालित एक पब-सह-रेस्तरां को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने लोक सभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उक्त प्रतिष्ठान से उनकी आवासीय सुरक्षा और निजता पर उत्पन्न 'गंभीर खतरे' के खिलाफ तत्काल हस्तक्षेप और कठोर कार्रवाई की मांग की है.
सांसद की निजता और सुरक्षा पर प्रहार
सांसद सुधाकर सिंह का आरोप है कि उनके आवंटित आवास (C-1/3, हुमायूँ रोड) से सटा हुआ "Louve - Unit of Campbell Resto Facility Pvt. Ltd." नामक पब संचालित किया जा रहा है. पब का निर्माण एक से अधिक तलों में होने के कारण कर्मचारियों की आवाजाही सीधे उनके आवास की ओर होती है, जिससे परिवार की निजता समाप्त हो गई है. स्थिति इतनी खराब है कि वे अपने आवासीय लॉन का उपयोग तक नहीं कर पा रहे हैं.
CCTV कैमरों से आवासीय निगरानी का आरोप
पत्र में एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए सांसद ने कहा कि पब द्वारा लगाए गए CCTV कैमरे उनके सरकारी आवास और मुख्य द्वार की दिशा में स्थापित हैं. यह आवासीय गतिविधियों की दृश्य रिकॉर्डिंग सुरक्षा में एक बड़ी चूक है. उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त गरिमामय जीवन और निजता के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन बताया है.
नियमों की अनदेखी और अनियमितता के सवाल
सांसद ने पब को लाइसेंस देने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं:
लोकेशन नियमों का उल्लंघन: दिल्ली आबकारी अधिनियम, 2010 के अनुसार अतिसंवेदनशील उच्च सुरक्षा वाले आवासीय क्षेत्र में ऐसे लाइसेंस नहीं दिए जा सकते.
नोटिस की अनदेखी: नियमों के तहत लाइसेंस से पूर्व पड़ोसियों की अनापत्ति अनिवार्य थी, लेकिन सांसद का दावा है कि उनसे कोई अनापत्ति नहीं ली गई.
अग्नि-सुरक्षा नियमों की धज्जियाँ: दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार संचालन केवल ग्राउंड फ्लोर तक सीमित होना चाहिए, लेकिन वास्तव में ऊपरी तलों और रूफ-टॉप पर भी गतिविधियां जारी हैं.
DMRC और CPWD की भूमिका पर संदेह
सांसद ने पत्र में उल्लेख किया है कि संबंधित भूमि मेट्रो प्रयोजन हेतु DMRC को हस्तांतरित की गई थी. ऐसी जमीन पर संवैधानिक पदाधिकारियों के आवास के पास पब की अनुमति देना सुरक्षा-विरोधी प्रतीत होता है. उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों की मंशा पर भी प्रश्न खड़े किए हैं.
अतिसंवेदनशील क्षेत्र में 'बाहरी' खतरा
यह क्षेत्र उच्च-सुरक्षा वाला परिक्षेत्र है जहाँ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नीति-निर्धारक रहते हैं. पब के कारण अज्ञात व्यक्तियों और विदेशी नागरिकों का निरंतर आवागमन सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है. इसके अतिरिक्त, पब के पास अवैध पार्किंग से सांसद के आवासीय मार्ग में भी अवरोध उत्पन्न हो रहा है.
सांसद की स्पष्ट मांगें
सुधाकर सिंह ने लोक सभा अध्यक्ष से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है:
- उक्त पब/रेस्तरां को तत्काल प्रभाव से सील/बंद किया जाए और लाइसेंस रद्द हो.
- आबकारी विभाग, DMRC, CPWD और NDMC के अधिकारियों की संसदीय समिति द्वारा जाँच करवाई जाए.
- जाँच की अवधि के दौरान भवन में किसी भी प्रकार की गतिविधि की अनुमति न दी जाए.
- दोषी पाए जाने पर संचालक और उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.