Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, अब इन महिलाओं को भी मिलेगा मातृत्व अवकाश

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। कोर्ट ने मातृत्व संरक्षण को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए इसे मौलिक मानवाधिकार करार दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे के जन्म के तरीके के आधार पर किसी महिला को मातृत्व लाभ से वंचित नहीं किया ज

इनको भी मिलेगा मातृत्व अवकाश - फोटो : social media

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बड़ा और अहम फैसला लिया। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लिया है कि अब बच्चों को गोद लेने वाली महिलाओं को भी मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने मातृत्व संरक्षण को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए इसे मौलिक मानवाधिकार करार दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे के जन्म के तरीके के आधार पर किसी महिला को मातृत्व लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।

महिलाओं को मिलेगा मातृत्व अवकाश 

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक सुरक्षा संहिता की उस प्रावधान को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसमें केवल तीन महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेने पर ही मातृत्व अवकाश देने की अनुमति थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि तीन महीने से अधिक उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली महिला को भी मातृत्व अवकाश से वंचित नहीं किया जा सकता। मातृत्व संरक्षण हर महिला का अधिकार है, चाहे बच्चा जैविक हो या गोद लिया हुआ।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि परिवार बनाने के संदर्भ में ‘गोद लिया हुआ बच्चा’ और ‘जैविक बच्चा’ कानून की नजर में समान हैं। इस आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। इस फैसले को महिला अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे गोद लेने वाली माताओं को भी समान अधिकार और सुविधाएं मिल सकेंगी।