Bihar News : नई दिल्ली में 'भारत इलेक्ट्रिसिटी 2026' का हुआ आयोजन, ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल बोले- बदल रहा है बिहार, निवेशक बनकर नहीं, भागीदार बनकर आएं
Bihar News : 'भारत इलेक्ट्रिसिटी 2026' सम्मेलन में बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने देश-विदेश के निवेशकों को बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
New Delhi : बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने निवेशकों से बिहार में निवेश के साथ राज्य के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया है। नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी 2026 के उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि 2026 का बिहार तेजी से बदल रहा है और ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो रहा है। देश-विदेश के निवेशकों को बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए शैलेश कुमार ने कहा कि 2026 का बिहार अब पहले जैसा नहीं रहा है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही है। उन्होंने निवेशकों से केवल निवेश करने के लिए नहीं, बल्कि बिहार के विकास में भागीदार बनने के लिए आने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए सुरक्षित, सस्ती और गुर्णवत्तापूर्ण बिजली व्यवस्था जरूरी है। बढ़ती मांग को देखते हुए बिहार अपने बिजली ढांचे को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में 94 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। इससे बिलिंग और बिजली खपत की निगरानी में सुधार हुआ है। इसके चलते AT&C लॉस 59-60% से घटकर 11.54% से नीचे आ गया है।
अबतक रिकॉर्ड डिमांड
उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ती आबादी, शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास के कारण बिजली की जरूरत बढ़ी है। बिहार ने अब तक 9,475 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया है। आने वाले वर्षों में बिजली की मांग में और वृद्धि की संभावना है और वित्तीय वर्ष 2037 तक इसके करीब 19,033 मेगावाट पहुंचने का अनुमान है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिहार उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में 2.5 लाख पात्र BPL परिवारों को 1.1 किलोवाट क्षमता के मुफ्त रूफटॉप सोलर सिस्टम दिए जाएंगे। इससे गरीब परिवार अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
परमाणु ऊर्जा के विकल्प पर भी विचार
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बिहार राष्ट्रीय बिजली क्षेत्र की संस्थाओं के साथ परमाणु ऊर्जा के दीर्घकालिक विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। राज्य भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्रोतों पर आधारित रणनीति तैयार कर रहा है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि बिहार बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, BESS, पंप्ड स्टोरेज, स्मार्ट मीटरिंग और आधुनिक तकनीकों पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य बिजली की आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाना और भविष्य में बढ़ने वाली मांग को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि राज्य की ऊर्जा रणनीति में नवीकरणीय ऊर्जा, स्टोरेज और आधुनिक तकनीकों के जरिए ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों को मजबूत किया जा रहा है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए बिहार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में केवल निवेशक बनकर नहीं, बल्कि हमारे भागीदार बनकर आइए। हम विकास के लिए हर संभव सहयोग, सुविधाएं और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराएंगे। हमारा लक्ष्य है कि हर उपभोक्ता अपने स्तर पर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग के मामले में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में है। केंद्र और राज्य सरकारें हरित ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दे रही हैं। गरीब परिवारों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाना भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में दिल्ली सरकार के गृह, विद्युत (बिजली), शहरी विकास एवं शिक्षा मंत्री आशीष सूद, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीइए) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. डी. साई बाबा, श्री विकास राज (भा. प्र. से.), प्रबंध निदेशक बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL), ईएनसीआइएस के अध्यक्ष पीके पुजारी (भा. प्र. से.) सेवानिवृत्त, भारत इलेक्ट्रिसिटी पावरजेन इंडिया की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह भल्ला (भा. प्र. से.) सेवानिवृत्त तथा ईएनसीआइएस के महानिदेशक अभिषेक भटनागर समेत कई वरीय अधिकारी, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और निवेशक मौजूद थे।
पवेलियन में दिखी ऊर्जा योजनाओं की झलक
ऊर्जा मंत्री ने बिहार पावर पवेलियन का उद्घाटन किया और वहां प्रस्तुत विभिन्न तकनीकों, परियोजनाओं और योजनाओं की जानकारी ली। पवेलियन में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, डिजिटल तकनीक और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में बिहार में किए जा रहे कार्यों और पहलों को प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ ENERGDRIVE के अगस्त 2026 अंक और “India’s Power & Energy Transformation Outlook: Building a Resilient, Green & Decarbonised System for a Viksit Bharat” रिपोर्ट का विमोचन भी किया। बिहार पावर पवेलियन में राज्य के भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की योजनाओं और तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें नवादा में प्रस्तावित 1,200 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्लांट समेत कई बड़ी परियोजनाओं को शामिल किया गया। लखीसराय के कजरा में 301 मेगावाट (AC) सोलर पीवी परियोजना के साथ 523 मेगावाट आवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की योजना भी प्रमुख रही। पवेलियन में स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल बिजली प्रबंधन, रूफटॉप सोलर की रिमोट मॉनिटरिंग, 4G कनेक्टिविटी, रियल टाइम खपत निगरानी, पारदर्शी बिलिंग और मोबाइल आधारित उपभोक्ता सेवाओं की जानकारी दी गई। SAMAGRA ABT और SAMAST के अनुरूप स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम को भी प्रदर्शित किया गया।