पटरी से उतरी दो वंदे भारत, 14 फरवरी से रेलवे ने परिचालन बंद करने का लिया फैसला, रेलवे की 'नाकामी' या यात्रियों की कमी, जानें वजह

रेलवे की शान कही जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के पहिए दो प्रमुख रूटों पर थमने जा रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अचानक फैसला लेते हुए उदयपुर-जयपुर और उदयपुर-आगरा कैंट वंदे भारत को बंद करने का फरमान जारी कर दिया है

N4N Desk - भारतीय रेलवे की शान कही जाने वाली सेमी-हाईस्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर राजस्थान से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने राज्य में संचालित हो रही दो प्रमुख वंदे भारत ट्रेनों को बंद करने का निर्णय लिया है। जारी आदेश के अनुसार, उदयपुर सिटी-जयपुर वंदे भारत (ट्रेन नंबर 20979/80) 14 फरवरी 2026 से और उदयपुर सिटी-आगरा कैंट वंदे भारत (ट्रेन नंबर 20981/82) 15 फरवरी 2026 से पटरी पर नहीं दौड़ेगी। रेलवे के इस अचानक फैसले से उन यात्रियों में हलचल मच गई है जो तेज और प्रीमियम सफर के आदी हो चुके थे। 

कम यात्री भार और परिचालन लागत बनी वजह?

हालांकि रेलवे ने इन ट्रेनों को बंद करने के पीछे किसी स्पष्ट आधिकारिक कारण का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इन रूट्स पर यात्रियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कम यात्री भार (Low Occupancy) और उच्च परिचालन लागत इस निर्णय के मुख्य कारक हो सकते हैं। इसके साथ ही चर्चा यह भी है कि भविष्य में इन रूट्स के समय या मार्ग में बदलाव किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को इस झटके का सामना करना होगा। 

उदयपुर-असारवा के रूप में मिला नया तोहफा


एक ओर जहां दो ट्रेनें बंद हो रही हैं, वहीं रेलवे ने उदयपुर और गुजरात के असारवा (अहमदाबाद) के बीच एक नई वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी देकर बड़ी राहत दी है। ट्रेन नंबर 26963 उदयपुर सिटी से सुबह 6:10 बजे रवाना होकर 10:25 बजे असारवा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 26964 असारवा से शाम 5:45 बजे चलकर रात 10:00 बजे उदयपुर पहुंचेगी। यह नई ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी और जवार, डूंगरपुर व हिम्मतनगर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। 

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सुविधाओं में इजाफा

नई उदयपुर-असारवा वंदे भारत ट्रेन का रखरखाव और संचालन उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा किया जाएगा। 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार वाली यह ट्रेन न केवल राजस्थान और गुजरात के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी। यात्रियों को इसमें बेहतर सस्पेंशन, ऑटोमैटिक प्लग डोर, एर्गोनॉमिक सीटें, सीसीटीवी और 'कवच' जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाएं मिलेंगी, जो इसे एक विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव बनाती हैं। 

देशभर में वंदे भारत का बढ़ता जाल

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, फरवरी 2019 में शुरू हुई यह सेवा अब देश के 82 मार्गों पर 164 ट्रेनों के रूप में विस्तार पा चुकी है। वंदे भारत ट्रेनों को एक विशिष्ट यात्री श्रेणी के रूप में विकसित किया गया है, जो न केवल गति बल्कि सुरक्षा और आधुनिकता का प्रतीक हैं। राजस्थान में हुए इस फेरबदल के बावजूद, रेलवे का लक्ष्य अधिक मांग वाले रूट्स पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है ताकि संसाधनों का सही दिशा में उपयोग हो सके।