कौन हैं डीके शिवकुमार जो बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री, कांग्रेस के ‘ट्रबलशूटर’ को विरोधी मानते हैं 'खतरनाक'

कांग्रेस के ‘ट्रबलशूटर’ माने जाने वाले डीके शिवकुमार अब कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे, उनकी आक्रामक सियासी शैली के कारण उनके विरोधी भी उन्हें 'खतरनाक' मानते हैं. जानिए उनका सियासी सफर.

Who is DK Shivakumar- फोटो : news4nation

DK Shivkumar :  कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से ‘पावर सेंटर’ माने जाने वाले डीके शिवकुमार अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने की दहलीज पर खड़े हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज दोपहर 3 बजे इस्तीफा देंगे। इसके पहले गुरुवार सुबह सीएम सिद्धारमैया ने अपने मंत्रियों को ब्रेकफास्ट पर बुलाया और इसमें शिवकुमार के अगले सीएम बनने पर मुहर लगी। इस दौरान शिवकुमार ने विनम्रता दिखाते हुये सिद्धारमैया के सम्मान में उनके पांव छुए और आशीर्वाद लिया।  सिद्दरमैया ने भी शिवकुमार को गले लगाकर अपना आशीष दिया।  


कांग्रेस नेतृत्व की ओर से शिवकुमार को सीएम बनाने का वादा वर्ष 2023 में ही हो चुका था। 13 मई 2023 को जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आए। कांग्रेस को 135, बीजेपी को 66, जेडीएस को 19 और अन्य 4 सीटें मिली थी। 20 मई 2023 को सिद्धारमैया ने सीएम पद की शपथ ली। वहीं डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री बने। तभी से ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की चर्चा शुरू हुई यानी ढाई साल बाद शिवकुमार सीएम बनेंगे तो अब वे उसी अनुरूप मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।


शिवकुमार कौन हैं

कांग्रेस संगठन में मजबूत पकड़, संकटमोचक की छवि और आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण डीके शिवकुमार को पार्टी का सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। 27 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने डीके शिवकुमार का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। उन्होंने 1989 में पहली बार सतनूर विधानसभा सीट से चुनाव जीता और तब से लगातार कर्नाटक की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखी। बाद में वे कनकपुरा सीट से कई बार विधायक चुने गए। 


 ‘ट्रबलशूटर’ शिवकुमार 

कांग्रेस में डीके शिवकुमार की पहचान सिर्फ एक नेता के तौर पर नहीं, बल्कि ‘ट्रबलशूटर’ के रूप में भी रही है। 2002 में महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस सरकार बचाने से लेकर 2017 में गुजरात कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु रिसॉर्ट में सुरक्षित रखने तक, उन्होंने कई बार पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई। 2017 में जब उनके रिसार्ट में कांग्रेस के विधायक थे उसी दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों ने शिवकुमार के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह मामला काफी चर्चा में रहा था, बावजूद इसके शिवकुमार ने कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित रखने में सफलता पाई थी। 


वोक्कालिगा हैं शिवकुमार

वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले डीके शिवकुमार की दक्षिण कर्नाटक में जबरदस्त पकड़ मानी जाती है। संगठन और चुनाव प्रबंधन में उनकी रणनीतिक क्षमता कांग्रेस के लिए बड़ा हथियार रही है। 2020 में उन्हें कर्नाटक कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और 2023 में कांग्रेस की सत्ता वापसी के बाद वे उपमुख्यमंत्री बने। डीके शिवकुमार खुद को “स्ट्रीट फाइटर” बताते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि उनकी लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, बल्कि पार्टी और विचारधारा के लिए है।


कांग्रेस की खास रणनीति

हाल के दिनों में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच डीके शिवकुमार लगातार सुर्खियों में रहे। दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ बैठकों और सिद्धारमैया के साथ राजनीतिक समीकरणों के बाद अब वे कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनेंगे। शिवकुमार को सीएम बनाकर कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव के पहले अपनी रणनीति भी आगे बढ़ा रही है। कर्नाटक की आबादी में करीब 12 फीसदी वोक्कालिगा समुदाय है। राज्य में मुख्य रूप से दो जातियों लिंगायत और वोक्कालिगा के बीच सियासी रणनीतियां बनती हैं क्योंकि वोक्कालिगा की आबादी करीब 17 फीसदी मानी जाती है। ऐसे में राज्य के दूसरे सबसे बड़े समुदाय को कांग्रेस बड़ा सियासी संदेश देने जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी वोक्कालिगा हैं। वहीं कई मंत्रियों के खिलाफ नाराजगी को दूर करने में भी शिवकुमार को सीएम बनाकर पूरा मंत्रिमंडल बदलकर कांग्रेस एक खास रणनीति अपना सकती है। माना जा रहा है कि 35 मंत्रियों में से करीब 25 हटाए जा सकते हैं। दो डिप्टी सीएम संभव हैं। एक पद किसी दलित चेहरे और दूसरा लिंगायत या ओबीसी नेता को मिल सकता है।