कौन हैं विजय जिन्होंने तमिलनाडु में रचा इतिहास, सिनेमा के ‘थलापति’ से राजनीति के बने नए महानायक
तमिलनाडु के सियासी इतिहास में विजय ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. उन्होंने सियासी सुनामी लाते हुए अकेले अपने चेहरे के बलबूते 100 से ज्यादा सीटों पर बढत बनाकर सभी दलों को पछाड़ दिया है.
Who is Vijay : तमिलनाडु की राजनीति में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है विजय। फिल्मों में ‘थलापति’ (कमांडर) के नाम से पहचान बनाने वाले विजय आज खुद को जनता के “परिवार के सदस्य” के रूप में पेश कर रहे हैं और राज्य की सत्ता तक पहुंचने के बेहद करीब माने जा रहे हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम में विजय की पार्टी टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 105 सीटों पर दोपहर 12 बजे तक बढत हासिल कर राज्य की सत्ता में सबसे बड़े दल के रूप में खुद को स्थापित कर लिया है।
शुरुआती जीवन और परिवार
विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म 22 जून 1974 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) में हुआ था। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर तमिल फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्देशक हैं, जबकि उनकी मां शोभा चंद्रशेखर एक प्रसिद्ध गायिका हैं। विजय के परिवार में धार्मिक विविधता भी दिखती है उनके पिता ईसाई और मां हिंदू हैं। उनकी एक बहन थी, जिनका बचपन में ही निधन हो गया। विजय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के स्कूलों से की और बाद में लोयोला कॉलेज में विजुअल कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की, लेकिन अभिनय के प्रति जुनून के चलते उन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।
सिनेमा में सफलता
विजय ने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 60 से ज्यादा फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई है और वे तमिल सिनेमा के सबसे सफल और सबसे अधिक कमाई करने वाले अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उनकी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए और उन्हें एक बड़े जनाधार वाला सुपरस्टार बना दिया।
राजनीति में एंट्री
विजय ने राजनीति में कदम रखने की तैयारी काफी पहले शुरू कर दी थी। साल 2009 में उन्होंने अपने फैन क्लब को संगठित कर विजय मक्कल इयक्कम बनाया, जो धीरे-धीरे सामाजिक कार्यों और जनसेवा के जरिए जमीनी स्तर पर मजबूत होता गया। 2022 के स्थानीय निकाय चुनावों में उनके समर्थकों ने 100 से अधिक सीटें जीतकर अपनी ताकत का एहसास कराया। इसके बाद 2 फरवरी 2024 को विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम के गठन की घोषणा की।
विचारधारा और राजनीतिक रुख
विजय ने खुद को सत्तारूढ़ डीएमके के विकल्प के रूप में पेश किया है, जिसे वे “राजनीतिक दुश्मन” और “बुरी ताकत” बताते हैं। वहीं, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को “विचारधारात्मक विरोधी” करार दिया है और स्पष्ट किया है कि वे किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। उनका चुनावी नारा “व्हिसल रिवोल्यूशन” (सीटी क्रांति) है, जिसके जरिए वे बदलाव का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने चुनाव में महिलाओं को हर महीने ₹2500 देने, साल में 6 मुफ्त गैस सिलेंडर और मुफ्त बिजली जैसी बड़ी घोषणाएं की हैं।
चुनौतियां और विवाद
राजनीतिक सफर में विजय को चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। 2025 में करूर में उनकी रैली के दौरान भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक मुहिम को जारी रखा। वहीं विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी वे कई तरह से विरोधियो के निशाने पर रहे।
रोल मॉडल और रणनीति
विजय ने अपने आदर्श के रूप में एम. जी. रामचंद्रन, जे. जयललिता और एम. करुणानिधि का नाम लिया है। दोनों ही तमिल फिल्म इंडस्ट्री से होते ही राजनीति में भी सफल रहे। वहीं दो सीटों से चुनाव लड़ने की विजय की रणनीति पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के 1991 के मॉडल से प्रेरित मानी जा रही है। विजय ने इस बार पेरम्बूर और त्रिची विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा है।
सत्ता के करीब
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय ने खुद को एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित कर लिया है। अगर वे सत्ता में आते हैं, तो वे 49 वर्षों में पहले ऐसे फिल्म स्टार होंगे जो एम. जी. रामचंद्रन के बाद मुख्यमंत्री बनेंगे।