Mahashivratri 2026: बिना सामान के ऐसे करें भोलेनाथ की पूजा, जानें विधि

Mahashivratri 2026: जानें शिव पुराण में बताई गई शिव मानस पूजा की सरल विधि। बिना पूजा सामग्री के भी महाशिवरात्रि पर कैसे करें भोलेनाथ की आराधना।

महाशिवरात्रि पूजा विधि- फोटो : social media

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। शिव पुराण में इस दिन के व्रत और पूजा का खास महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन सच्चे मन से शिवजी की पूजा करता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम यात्रा में होते हैं या हमारे पास पूजा की सामग्री नहीं होती। ऐसी स्थिति में भी निराश होने की जरूरत नहीं है। शिव पुराण में एक खास उपाय बताया गया है, जिसे शिव मानस पूजा कहा जाता है।

क्या है शिव मानस पूजा?

शिव मानस पूजा का मतलब है मन से भगवान शिव की पूजा करना। इसमें किसी भी तरह की पूजा सामग्री की जरूरत नहीं होती। भक्त मन ही मन शिवजी का ध्यान करता है और उन्हें जल, फूल, धूप, दीप और भोग अर्पित करता है। इस पूजा में सबसे जरूरी चीज है सच्ची श्रद्धा और विश्वास। अगर मन साफ हो और भाव सच्चा हो, तो भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं।

कैसे करें शिव मानस पूजा?

सबसे पहले शांत जगह पर बैठ जाएं। आंखें बंद करें और भगवान शिव का ध्यान करें। कल्पना करें कि आप उन्हें जल से स्नान करा रहे हैं, सुंदर वस्त्र पहना रहे हैं और चंदन लगा रहे हैं।फिर मन ही मन उन्हें फूल, बिल्व पत्र, धूप और दीप अर्पित करें। उसके बाद ऊपर दिया गया शिव मानस पूजा मंत्र श्रद्धा से पढ़ें या सुनें।अंत में भगवान शिव से अपने जाने-अनजाने दोषों के लिए क्षमा मांगें।

क्या है इसका फल?

शिव पुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन की गई मानस पूजा भी पूर्ण फल देती है। अगर कोई व्यक्ति सच्चे मन से यह पूजा करता है, तो उसे वही लाभ मिलता है जो विधि से की गई पूजा से मिलता है। इस महाशिवरात्रि, अगर आपके पास साधन न हों, तो भी मन से भोलेनाथ को याद करें। सच्ची भक्ति ही सबसे बड़ी पूजा है। हर हर महादेव।