Today Panchang: : सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों का तर्पण आज, जानें तिथि, नक्षत्र और पूजा का शुभ समय

Today Panchang: आज का पंचांग 10 अक्टूबर 2026: सर्वपितृ अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या पर जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा के उपाय।

Today Panchang: आज 10 अक्टूबर 2026 शनिवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है। इस दिन सर्वपितृ अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या का संयोग है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान किया जाता है। शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।


आज की तिथि और पंचांग


आज शक संवत 1948 और विक्रम संवत 2083 है। अमावस्या तिथि रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू होगी। हस्त नक्षत्र रात 9 बजकर 42 मिनट तक रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा। इंद्र योग रात 10 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।


आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय


दिल्ली के पंचांग के अनुसार, सूर्योदय सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 57 मिनट पर होगा। आज चंद्रोदय नहीं होगा, जबकि चंद्रास्त शाम 5 बजकर 30 मिनट पर बताया गया है। सूर्य और चंद्रमा दोनों कन्या राशि में स्थित हैं। 


आज के शुभ मुहूर्त


अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। कुतुप मुहूर्त भी सुबह 11:45 से दोपहर 12:31 बजे तक है। रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से 1 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण के कार्यों में अपराह्न काल को भी महत्व दिया जाता है।

आज राहुकाल कब रहेगा?


दिल्ली के लिए दिए गए पंचांग के अनुसार, राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में नए शुभ काम शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। हालांकि, राहुकाल और दूसरे मुहूर्तों का समय शहर के अनुसार बदल सकता है।


सर्वपितृ अमावस्या पर क्या करें?


धार्मिक मान्यता के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या पर उन पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि याद न हो या जिनका श्राद्ध किसी कारण से नहीं हो पाया हो। इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन, अन्न, कपड़े या अपनी क्षमता के अनुसार दान दिया जा सकता है। लोग पितरों की शांति के लिए प्रार्थना भी करते हैं।


शनिवार को क्या उपाय करें?


शनिवार और अमावस्या के संयोग पर शनिदेव की पूजा करना, पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाना और जरूरतमंद लोगों की मदद करना धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है। इन उपायों को आस्था के रूप में अपनाया जाता है।