इस दिन खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट, घोषित हुई शुभ तिथि
बाबा केदारनाथ के भक्तों के लिए महाशिवरात्रि के मौके पर बड़ी खुशखबरी आई है. महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर के कपाट खोलने की तारीख घोषित कर दी गई है
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N4N डेस्क: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर घोषित कर दी गई है। इस वर्ष 2 मई से केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होगी। शुभ मुहुर्त में केदारनाथ धाम का कपाट खोला जाएगा। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा भी शुरू हो जाएगी। हर साल शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण छह महीने के लिए बंद कर दिया जाता है। इस दौरान पूजा-अर्चना ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होती है।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा केदार के कपाट खुलने का दिन तय किया गया। पुजारियों और विद्वानों की मौजूदगी में पूरा कार्यक्रम तय किया गया। निर्धारित तिथि के अनुसार, 27 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में भैरव पूजा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद बाबा केदार की डोली धाम के लिए प्रस्थान करेगी। बाबा केदार की डोली 28 अप्रैल को गुप्तकाशी, 29 अप्रैल को फाटा, 30 अप्रैल को गौरीकुंड पहुंचेगी। 1 मई को बाबा की डोली केदारनाथ पहुंचेगी। 2 मई को सुबह 7 बजे बैसाख मास, मिथुन राशि, वृष लग्न में पुरे विधि विधान से केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।
वर्त्तमान समय में केदारनाथ क्षेत्र का पूरा इलाका इस समय बर्फ की सफेद चादर से ढका हुआ है और धाम में सन्नाटा पसरा हुआ है। कपाट खुलते ही यह क्षेत्र भक्तों से यह स्थान गुलजार हो जाएगा। ओंकारेश्वर मंदिर में केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग की उपस्थिति में विद्वान आचार्यों ने कपाट खुलने की तिथि तय की । साथ ही, बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली के ओंकारेश्वर मंदिर से केदारनाथ धाम प्रस्थान की तिथि भी निर्धारित की गई है।
क्या है धार्मिक मान्यता?
केदारनाथ धाम में स्थापित ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और पंच केदार में प्रमुख स्थान रखते हैं। केदारनाथ मंदिर मेरू और सुमेरू पर्वत की तलहटी में मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, छह महीने तक नर भक्त बाबा केदार की पूजा करते हैं, जबकि शीतकाल में देवता स्वयं मंदिर में पूजन करते हैं। शिवरात्रि पर्व पर शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। वहां पर बाबा केदार का विशेष पूजन चल रहा है। इसके साथ ही बाबा केदार के धाम खुलने को लेकर संत-महंतों के बीच विशेष चर्चा हुई।