Bihar School News:बिहार में शिक्षा की सर्जिकल स्ट्राइक, 572 मॉडल स्कूलों से बदलेगी छात्रों की किस्मत, सरकारी सिस्टम से निकलेगा टॉपर ब्रिगेड स्टूडेंट
Bihar School News: बिहार में सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने की बड़ी तैयारी हो चुकी है। इस साल राज्य में कुल 572 मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे, जो निजी स्कूलों को भी टक्कर देने की हैसियत रखेंगे
Bihar School News: बिहार में सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने की बड़ी तैयारी हो चुकी है। इस साल राज्य में कुल 572 मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे, जो निजी स्कूलों को भी टक्कर देने की हैसियत रखेंगे। हर जिले में एक-एक और राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ नाम की कवायद नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव की प्लानिंग है।
सूत्रों के मुताबिक सभी जिलों से चयनित स्कूलों की सूची शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। अब स्थलीय जांच के बाद इसी महीने अंतिम मुहर लगेगी कि कौन-से स्कूल मॉडल स्कूल कहलाएंगे। इसके बाद इन विद्यालयों में संसाधनों का पूरा जखीरा उतारा जाएगा नई इमारतें, अतिरिक्त वर्गकक्ष, आधुनिक लाइब्रेरी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का पुख्ता इंतजाम।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन स्कूलों का संचालन मॉडल स्कूल के तौर पर शुरू हो जाए। सरकार ने दो टूक कहा है कि इन स्कूलों को इस तरह संवारा जाएगा कि ये निजी स्कूलों से बेहतर नजर आएं। उच्चतर माध्यमिक स्तर के इन स्कूलों में बच्चों की संख्या के हिसाब से कक्षाओं के सेक्शन तय होंगे और उसी अनुपात में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
नियम के मुताबिक उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9-10) में न्यूनतम 8 शिक्षक और उच्च माध्यमिक स्कूल (कक्षा 9 से 12) में कम से कम 16 शिक्षक तैनात होंगे। अगर नामांकन ज्यादा हुआ, तो शिक्षक भी बढ़ेंगे। मॉडल स्कूल वही चुने गए हैं, जहां परिसर में जगह की कोई तंगी नहीं है। जहां भवन या कमरों की कमी है, वहां नया निर्माण कराया जाएगा और इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान होगा।
इन स्कूलों में हर विषय के सबसे बेहतर माने जाने वाले शिक्षक प्रतिनियुक्त होंगे। पढ़ाई की क्वालिटी बनाए रखने के लिए इन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबों का पूरा कलेक्शन होगा और इसके लिए अलग से पुस्तकाध्यक्ष की तैनाती की जाएगी।
मॉडल स्कूल सिर्फ अपने छात्रों के लिए नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए रोल मॉडल बनेंगे। यहां की पढ़ाने की शैली और प्रबंधन व्यवस्था को दूसरे स्कूलों में लागू किया जाएगा। अन्य स्कूलों के शिक्षकों को यहां भ्रमण और प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
सबसे खास बात इन मॉडल स्कूलों में बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। समान स्तर के छात्रों का बैच बनेगा और विशेषज्ञ शिक्षक ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बच्चों को सफलता की राह पर ले जाएंगे। साफ है, सरकार अब शिक्षा के मोर्चे पर बड़ा दांव खेल चुकी है।