Ranchi plane crash: मरीज को बचाने की जंग बनी आखिरी सफर! एयर एंबुलेंस क्रैश में बिहार के डॉक्टर की मौत, गांव में पसरा मातम, ढाबा मालिक को लेकर जा रहे थे दिल्ली
Ranchi plane crash: रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ी एक एयर एंबुलेंस चतरा में क्रैश हो गई। विमान में मौजूद 7 लोंगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जिनमें एक बिहार के डॉक्टर भी शामिल है। मृतक के गांव में मातम पसरा हुआ है।
Ranchi plane crash: झारखंड के चतरा में मरीज को बचाने जा रहा एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया। इस घटना में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में डॉ. विकास गुप्ता भी शामिल हैं जो मूल रुप से बिहार के रहने वाले वाले हैं। इस घटना ने उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। सभी का रो- रोकर बुरा हाल है। सभी मरीज को लेकर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरे थे लेकिन रास्ते में ही चार्टर एयर एम्बुलेंस चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कथीयाचु के जंगल में क्रैश हो गई। पायलट- क्रू मेंबर सहित 7 लोगों की मौत से हड़कंप मच गया।
जिंदगी बचाने की जंग बनी आखिरी उड़ान
इस घटना की पुष्टि चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने की कि एयर एंबुलेंस सिमरिया के जंगल में गिरा। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका। हादसे में जान गंवाने वालों में 41 वर्षीय संजय कुमार भी शामिल थे, जो हाल ही में ढाबे में लगी भीषण आग में 65 प्रतिशत तक झुलस गए थे। बिजली के करंट से हुए ‘इलेक्ट्रिक बर्न’ के कारण उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें 16 फरवरी को रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पिछले दस दिनों से उनका इलाज चल रहा था।
आर्थिक तंगी के बाद भी एयर एंबुलेंस से ले जा रहा परिवार
डॉक्टरों ने हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया था। परिजनों ने आर्थिक तंगी के बावजूद एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। रिश्तेदारों और परिचितों ने भी सहयोग किया, ताकि संजय की जान बचाई जा सके। उम्मीदों से भरी यह उड़ान ही उनका अंतिम सफर बन गई।
चंदवा से था नाता, पलामू में चलाते थे ढाबा
संजय कुमार मूल रूप से चंदवा के रखात गांव के निवासी थे और वर्तमान में चंदवा के गायत्री मोहल्ले में परिवार के साथ रह रहे थे। वे पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। चार दिन पहले उनके ढाबे में भीषण आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में डॉ. विकास गुप्ता की भी मौत हुई है, जो पूर्व में गारू और चंदवा में पदस्थापित रह चुके थे और प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। वो बिहार के रहने वाले हैं।
7.11 में उड़ान भरी 7.34 में टूटा संपर्क
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार रेडबर्ड एयरवेज का Beechcraft King Air C90 (रजिस्ट्रेशन VT-AJV) रांची से दिल्ली के लिए एयर एंबुलेंस मिशन पर था। विमान ने शाम 7:11 बजे उड़ान भरी। 7:34 बजे पायलट ने खराब मौसम के कारण कोलकाता एटीसी से मार्ग परिवर्तन (Deviation) की अनुमति मांगी। इसके तुरंत बाद वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दूर विमान का रडार संपर्क टूट गया। शाम 8:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) सक्रिय किया गया और खोज-बचाव अभियान शुरू हुआ। हादसे की उच्चस्तरीय जांच के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की टीम दिल्ली से रवाना कर दी गई है।
कौन थे डॉ. विकास गुप्ता
हादसे में रांची के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार गुप्ता की भी मौत हो गई। वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और वर्तमान में रांची के कचहरी क्षेत्र में पत्नी और 8 वर्षीय बेटे के साथ रहते थे। उनके 8 वर्षीय बेटे के सिर से पिता का साया छीन चुका है। उनकी पत्नी एसबीआई की स्थानीय शाखा में कार्यरत हैं। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। डॉ. गुप्ता रांची सदर अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे और ‘मेडिकल इवैक्युएशन’ मिशनों में उनकी अहम भूमिका रहती थी। हादसे से एक दिन पहले ही उन्होंने भारतीय सेना के एक जवान को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर दिल्ली पहुंचाया था। उनकी असामयिक मृत्यु से चिकित्सक समुदाय और उनके परिचितों में गहरा शोक है।
कौन-कौन थे विमान में सवार
विमान में कैप्टन विवेक विकास बिलागत और कैप्टन सवरदीप सिंह पायलट के रूप में सवार थे। यात्रियों में संजय कुमार (मरीज), अर्चना देवी (अटेंडेंट), धुरु कुमार (अटेंडेंट), डॉ. विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर) और सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिक) शामिल थे। चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और राहत-बचाव कार्य जारी है। वहीं झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए अधिकारियों को सभी संसाधन लगाने का निर्देश दिया है।