गुमला में हैवानियत की हद: 48 घंटे में दूसरा गैंगरेप, 8 दरिंदों ने नाबालिग छात्रा को बनाया शिकार
मेला देखकर लौट रही नाबालिग छात्रा से 8 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया. आरोपियों ने पीड़िता के दोस्त को पीटकर भगा दिया था. गुमला में 48 घंटे के भीतर गैंगरेप की यह दूसरी वारदात है, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा है.
झारखंड का गुमला जिला इन दिनों बेटियों के लिए असुरक्षित होता जा रहा है। रायडीह थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ 8 दरिंदों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की शर्मनाक घटना सामने आई है। इस वारदात ने न केवल गुमला बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले महज 48 घंटों के भीतर गुमला जिले में गैंगरेप की यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिसने पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
मेला देखकर लौट रही छात्रा को बगीचे में घेरा
मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित नाबालिग छात्रा शुक्रवार की रात अपने एक दोस्त के साथ 'मरदा मेला' देखने गई थी। खुशियों भरे माहौल से घर लौटने के दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें रोक लिया। एक आम के बगीचे के पास अज्ञात बदमाशों ने छात्रा और उसके दोस्त को घेर लिया। आरोपियों ने पहले छात्रा के दोस्त के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे डरा-धमककर वहां से भगा दिया, ताकि वे अपनी नापाक साजिश को अंजाम दे सकें।
8 दरिंदों ने बारी-बारी से किया सामूहिक दुष्कर्म
दोस्त के जाने के बाद करीब 8 की संख्या में मौजूद इन नरपिशाचों ने नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। सुनसान बगीचे का फायदा उठाकर आरोपियों ने छात्रा के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। इस भयावह घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची और परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों के सहयोग से रायडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, अपराधियों की तलाश जारी
मामला दर्ज होते ही गुमला पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। आरोपियों की धर-पकड़ के लिए विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे ठीक 48 घंटे पहले कामडारा थाना क्षेत्र में भी दो युवतियों के साथ कार सवार युवकों ने गैंगरेप किया था, जिसमें पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सुरक्षा और सरकारी दावों पर उठते गंभीर सवाल
एक तरफ झारखंड सरकार ‘मईया सम्मान योजना’ और ‘सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना’ के जरिए महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत डरावनी है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बेटियों के साथ हो रही ऐसी जघन्य वारदातें बताती हैं कि अपराधियों में कानून का खौफ खत्म होता जा रहा है। गुमला में लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।