JSSC CGL धांधली मामला: मास्टरमाइंड अभय तिवारी समेत 3 आरोपी पुलिस रिमांड पर, OMR शीट की स्क्रूटनी तेज़
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। सीआईडी ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता अभय तिवारी को 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले की तह तक जाने के लिए सीआईडी अभय तिवारी का आधिकारिक बयान दर्ज करेगी....
Ranchi : जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी (CID) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता अभय तिवारी को 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है। इसके साथ ही मामले में सह-आरोपी उसकी पत्नी सुषमा तिवारी और भाई अक्षय तिवारी को भी 3-3 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। शनिवार देर शाम सीआईडी की टीम तीनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर सीआईडी मुख्यालय पहुंची, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
फर्जीवाड़े का तरीका और परिजनों की अवैध बहाली
जांच में सामने आया है कि अभय तिवारी ने टीडीपीएल (TDPL) कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर पद पर रहते हुए जेएसएससी के साथ सीजीएल परीक्षा का एमओयू (MoU) कराया था। कंपनी के ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी उसने परीक्षा का जिम्मा संभाल रही 'वेबल एजेंसी' के प्रतिनिधियों से मिलीभगत जारी रखी। इस गठजोड़ के जरिए उसने न केवल कई अभ्यर्थियों की सेटिंग कराकर धांधली की, बल्कि फर्जीवाड़े के बल पर खुद, अपनी पत्नी और भाई को भी सरकारी नौकरी में बहाल करवाया।
परीक्षा से पहले रटाए गए प्रश्नोत्तर, 40 अभ्यर्थियों से पूछताछ
सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि रांची और बोकारो समेत कई स्थानों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से ठीक पहले प्रश्न-उत्तर रटवाए गए थे। इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने के लिए एसआईटी ने अब तक कुल 40 सफल व संदिग्ध अभ्यर्थियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं, जिनमें शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाए गए 16 ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हैं जिन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया जा चुका था।
एजेंसी के सहयोगियों और संदिग्धों पर शिकंजा
मामले की तह तक जाने के लिए सीआईडी अब आगे की कार्रवाई में अभय तिवारी का आधिकारिक बयान दर्ज करेगी। इसके आधार पर परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी, उससे जुड़े मुख्य आरोपी मिथलेश सिंह और अन्य बिचौलियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जाएगी। सीआईडी ने गलत तरीकों से नौकरी हासिल करने वाले कई अन्य संदिग्धों की भी पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
जेपीएससी धांधली: 1,700 कार्बन OMR शीट की स्क्रूटनी
दूसरी तरफ, जेपीएससी (JPSC) परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए गठित एसआईटी द्वारा OMR शीट की अलग से विस्तृत जांच की जा रही है। सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों में से लगभग 1,700 ने अपनी कार्बन OMR शीट सीआईडी के पास जमा कराई है। जांच एजेंसियां मूल OMR शीट का मिलान अभ्यर्थियों की कार्बन कॉपी से कर रही हैं और जिनमें भिन्नता या हेरफेर पाया जा रहा है, उन्हें अलग किया जा रहा है। इस पूरी स्क्रूटनी प्रक्रिया में लगभग एक सप्ताह का समय लगने का अनुमान है।
ब्यूरो रिपोर्ट