प्रिंस खान के 'शूटरों' का बुरा वक्त: एक हफ्ते में दो मुठभेड़, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पस्त हुए गुर्गे

Prince Khan Gang Encounters: क सप्ताह के भीतर धनबाद पुलिस और प्रिंस खान के गुर्गों के बीच दो बड़ी मुठभेड़ें हुई हैं। साथ ही ताबड़तोड़ गैंगस्टर के गुर्गों कि गिरफ़्तारी भी हो रही है।जिससे गैंगस्टर के नेटवर्क की कमर टूटती नजर आ रही है।

प्रिंस खान के 'शूटरों' का बुरा वक्त: एक हफ्ते में दो मुठभेड़- फोटो : news 4 nation

झारखंड में बढ़ते आतंक और सोशल मीडिया पर वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान द्वारा लगातार जारी धमकी भरे वीडियो के बीच पुलिस पर इस गिरोह को खत्म करने का भारी दबाव है। इसी का नतीजा है कि महज एक सप्ताह के भीतर धनबाद पुलिस और प्रिंस खान के गुर्गों के बीच दो बड़ी मुठभेड़ें हुई हैं। साथ ही ताबड़तोड़ गैंगस्टर के गुर्गों कि गिरफ़्तारी भी हो रही है।जिससे गैंगस्टर के नेटवर्क की कमर टूटती नजर आ रही है।वर्तमान में कथित तौर पर प्रिंस खान दुबई से अपना रंगदारी का नेटवर्क संचालित कर रहा है, उसके गिरोह के खिलाफ धनबाद पुलिस ने निर्णायक जंग छेड़ दी है। 

पहली मुठभेड़: फायरिंग रेंज के पास चलीं गोलियां, सुदीश ओझा गिरफ्तार

मुठभेड़ का सिलसिला 8 मार्च को गोविंदपुर थाना क्षेत्र के भूईंफोड़ स्थित जैप-3 फायरिंग रेंज के पास शुरू हुआ। पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रिंस खान के गुर्गे वहां किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जुटे हैं। घेराबंदी होते ही अपराधियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की और बम फेंके। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने अपराधी सुदीश ओझा के दोनों पैरों में गोली मारकर उसे दबोच लिया। इस दौरान एक जांबाज एएसआई बालमुकुंद कुमार भी घायल हुए, जिनका इलाज फिलहाल अस्पताल में चल रहा है।

दूसरी मुठभेड़: भागाबांध के जंगलों में तड़के हुई घेराबंदी

प्रिंस खान गिरोह को दूसरा बड़ा झटका 16 मार्च की सुबह लगा। सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे धनबाद के भागाबांध ओपी क्षेत्र के पीछे जंगलों में पुलिस और शूटरों के बीच फिर से गोलियां गूंजीं। सूचना थी कि केंदुआडीह बस्ती के पास गिरोह के छह शूटर छिपे हुए हैं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो अपराधियों को गोली लगी, जबकि एक भागने के प्रयास में पैर तुड़वा बैठा। इस मुठभेड़ में पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी और गिरोह के मंसूबों को नाकाम कर दिया।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और बरामदगी

भागाबांध मुठभेड़ के बाद पुलिस ने विक्की डोम, अफजल और अमन सिंह उर्फ कुबेर सिंह को गिरफ्तार किया है। इनमें अमन सिंह की भूमिका बेहद अहम है क्योंकि वही प्रिंस खान के धमकी भरे ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का काम करता था। ये अपराधी हाल ही में रांची के एक रेस्टोरेंट और धनबाद में इकबाल खान के ड्राइवर पर हुई फायरिंग में भी शामिल थे। मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में कारतूस, बम और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी जांच के लिए रांची से एफएसएल की टीम बुलाई गई है।

झारखंड पुलिस पर दबाव और गिरोह के खात्मे की तैयारी

प्रिंस खान के विदेश भाग जाने और वहां से खुलेआम चुनौती देने के कारण झारखंड पुलिस की काफी किरकिरी हो रही थी। विधानसभा में भी विपक्षी विधायकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे कि आखिर किसकी मदद से वह दुबई भागने में सफल रहा। एसएसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में अब रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम गिरोह के हर छोटे-बड़े सदस्य की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अब प्रिंस खान का कोई भी गुर्गा सलाखों से बाहर नहीं बचेगा।