प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी 40 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई

साहिबगंज के बरहरवा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) नंदन कुमार को दुमका एसीबी की टीम ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।

N4N Desk - :  झारखंड के साहिबगंज जिले अंतर्गत बरहरवा प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ दुमका एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नंदन कुमार को प्रखंड मुख्यालय स्थित उनके कार्यालय से 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी की टीम ने यह जाल तब बिछाया जब विभाग के भीतर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। गिरफ्तारी के वक्त टीम सादे लिबास में तैनात थी, जिससे अधिकारी को संभलने का मौका नहीं मिला।

डीलरों से प्रतिमाह वसूली का था आरोप

जानकारी के अनुसार, बरहरवा प्रखंड के राशन डीलरों से प्रत्येक माह 5 हजार रुपये की अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा था। इस मनमानी से परेशान होकर डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष आलमगीर आलम ने दुमका एसीबी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एमओ नंदन कुमार सभी डीलरों पर पैसे जमा करने का अनुचित दबाव बना रहे हैं। इसी शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की।

सुनियोजित जाल में फंसे भ्रष्ट अधिकारी

एसीबी की रणनीति के तहत, शिकायतकर्ता आलमगीर आलम को 40 हजार रुपये देकर एमओ नंदन कुमार के पास भेजा गया। जैसे ही नंदन कुमार ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। टीम ने तत्काल उनके हाथों को धुलवाया और रासायनिक प्रक्रिया के जरिए घूस लेने की पुष्टि की। इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रखंड मुख्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दो महीने पहले ही हुई थी पहली पोस्टिंग

हैरानी की बात यह है कि आरोपी नंदन कुमार की नियुक्ति महज दो महीने पहले ही एमओ पद पर हुई थी। मूल रूप से दुमका जिले के रहने वाले नंदन कुमार ने सीजीएल (CGL) परीक्षा पास कर यह सरकारी सेवा जॉइन की थी। बरहरवा में उनकी यह पहली पोस्टिंग थी, लेकिन करियर के शुरुआती दौर में ही भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में उनकी गिरफ्तारी ने चयन प्रक्रिया और नए अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हिरासत में लेकर दुमका रवाना हुई टीम

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी नंदन कुमार को अपने साथ दुमका कार्यालय ले गई है, जहाँ उनसे सघन पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय डीलरों और आम जनता ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र के लोगों ने एसीबी के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। फिलहाल, विभाग की ओर से नंदन कुमार के निलंबन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की संभावना है।