झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर बेकाबू होकर पलटी बस, मची चीख-पुकार; 5 ने मौके पर तोड़ा दम

झारखंड के सिमडेगा जिले में एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए. झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा के पास करडेगा घाटी में बस का ब्रेक फेल होने से यह हादसा हुआ

झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर बेकाबू होकर पलटी बस, मची चीख-पुकार; 5 ने मौके पर तोड़ा दम - फोटो : news 4 nation

जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा के पास करडेगा घाटी में एक यात्रियों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। अनमोल नामक यह बस  झारखंड के सिमडेगा के कुरडेग से छत्तीसगढ़ के कुनकुरी के लिए रवाना हुई थी। गोड़ाअंबा गांव के पास एक ढलान वाली सड़क पर अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो चुकी है।

20 से अधिक घायल, आधा दर्जन की हालत गंभीर

हादसे के वक्त बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। ब्रेक फेल होने के बाद बस के पलटने से चीख-पुकार मच गई। इस घटना में 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से करीब आधा दर्जन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मामूली रूप से घायल यात्रियों का कुनकुरी के अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायलों को बेहतर चिकित्सा के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन ने संभाला मोर्चा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

दुर्घटना की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँच गए। अफरा-तफरी के बीच, ग्रामीणों की मदद से एंबुलेंस के जरिए घायलों को अस्पताल भेजने का काम शुरू किया गया। घटना स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे हटाकर पुलिस ने यातायात बहाल कराया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की टीमें अब इस बात की जांच कर रही हैं कि बस में तकनीकी खराबी थी या ओवरलोडिंग जैसी कोई और वजह।

घटती-बढ़ती दुर्घटनाएं: जनवरी में भी हुआ था ऐसा ही हादसा

घाटी वाले इलाकों में बस दुर्घटनाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जनवरी महीने में भी झारखंड के लातेहार जिले में छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से बारात लेकर आ रही एक बस भीषण हादसे का शिकार हो गई थी। उस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। करडेगा घाटी की ढलान वाली सड़कें और तीखे मोड़ अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनते हैं, जो एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।