हमारे जीवनशैली में आये बदलावों ने न केवल हमारी दिनचर्या बल्कि रिश्तों को निभाने के तरीके में भी बदलाव किया है। हाल ही में हुए एक ग्लोबल सर्वे में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि भारत में स्लीप डिवोर्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इस सर्वे के अनुसार, भारत में 78% कपल्स अब एक ही बिस्तर पर सोने के बजाय अलग सोना पसंद कर रहे हैं। आइए जानते हैं स्लीप डिवोर्स के इस बढ़ते चलन के बारे में।
स्लीप डिवोर्स क्या है?
स्लीप डिवोर्स वह प्रक्रिया है जिसमें शादीशुदा जोड़े एक ही बिस्तर पर सोने के बजाय अलग-अलग बिस्तर या कमरों में सोते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अपनी नींद की गुणवत्ता को सुधारना और अपने रिश्ते को बनाए रखना होता है। ऐसा करने से कपल्स की नींद में कोई खलल नहीं पड़ता और वे अधिक आराम से सो पाते हैं। इस प्रक्रिया में कपल्स का शारीरिक तौर पर अलग होना कोई समस्या नहीं होती, क्योंकि वे इमोशनली एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।
भारत में स्लीप डिवोर्स का बढ़ता हुआ चलन
हाल ही में किए गए एक ग्लोबल स्लीप सर्वे ने खुलासा किया है कि भारत में स्लीप डिवोर्स के मामले सबसे अधिक हैं। 78% कपल्स अलग सोने की प्रैक्टिस को फॉलो कर रहे हैं। इसके कारण में एक प्रमुख कारण तनाव है, जो नींद में खलल डालता है। सर्वे में यह भी पाया गया कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में नींद से संबंधित समस्याओं का अधिक सामना करती हैं। इसके अलावा, स्लीप डिवोर्स के प्रमुख कारणों में साथी का खर्राटे लेना, जोर-जोर से सांस लेना, नींद का खराब शेड्यूल और बेड पर स्क्रीन का उपयोग शामिल हैं। यही कारण है कि कई कपल्स अब अलग सोने की प्रैक्टिस को अपनाते हैं।
स्लीप डिवोर्स के रिश्तों पर प्रभाव
स्लीप डिवोर्स के बाद कपल्स के रिश्तों पर मिश्रित प्रभाव देखने को मिलता है। सर्वे में पाया गया कि 65% कपल्स का कहना था कि उन्हें बेहतर नींद लेने में मदद मिली। वहीं 31% का मानना था कि इससे उनके रिश्ते में सुधार हुआ है, लेकिन 30% का कहना था कि इससे उनके रिश्ते में कमी आई। इसके अलावा, कुछ कपल्स का मानना था कि इससे उनकी सेक्स लाइफ भी बेहतर हुई, जबकि कुछ का मानना था कि इसका विपरीत प्रभाव पड़ा।
क्या है इसके पीछे की वजह?
स्लीप डिवोर्स के पीछे मुख्य कारण तनाव है। दिनभर की भागदौड़ और काम के दबाव के कारण लोग मानसिक रूप से थक जाते हैं, जिसका असर उनकी नींद पर पड़ता है। साथी के खर्राटे, बेचैनी, या किसी अन्य वजह से नींद में खलल पड़ता है। इससे बेहतर नींद पाने के लिए कपल्स अलग सोने का फैसला करते हैं, ताकि दोनों को आराम मिल सके।
दुनियाभर में स्लीप डिवोर्स
भारत के बाद चीन और दक्षिण कोरिया इस ट्रेंड में शामिल हैं। चीन में 67% और दक्षिण कोरिया में 65% कपल्स अलग सोने के पक्षधर हैं। इन देशों में भी स्लीप डिवोर्स का चलन बढ़ रहा है, और इनकी वजह भी वही तनाव और नींद में खलल डालने वाली समस्याएं हैं।
निष्कर्ष
स्लीप डिवोर्स अब एक नया ट्रेंड बन चुका है, जो रिश्तों में सुधार लाने के लिए एक उपाय के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, कुछ कपल्स के लिए यह उनके रिश्ते में कमी का कारण भी बन सकता है, लेकिन अधिकतर लोग इसे बेहतर नींद और अपने रिश्ते को बचाए रखने का तरीका मानते हैं। बदलती जीवनशैली के साथ यह ट्रेंड धीरे-धीरे बढ़ रहा है और इसने रिश्तों को नए रूप में देखने का तरीका बदल दिया है।