Terrace Gardening: बालकनी में लगाएं भिंडी का पौधा, सही मिट्टी और खाद से भर जाएगी टोकरी

Terrace Gardening: घर की छत या बालकनी में गमले में भिंडी कैसे उगाएं? जानें सही गमला, मिट्टी, बीज, खाद और देखभाल के आसान तरीके, जिससे 50 दिन में भरपूर भिंडी की पैदावार मिले।

घर की छत या बालकनी में गमले में भिंडी कैसे उगाएं- फोटो : freepik

Terrace Gardening: भिंडी गर्मियों के मौसम में लगभग हर घर में पसंद की जाने वाली सब्जी है। लेकिन बाजार में मिलने वाली भिंडी में कई बार रसायनों के इस्तेमाल की चिंता बनी रहती है। ऐसे में अगर आप ताजी, हरी और बिना केमिकल वाली भिंडी खाना चाहते हैं, तो इसे अपने घर की छत या बालकनी में आसानी से उगा सकते हैं। थोड़ी सी जगह और सही देखभाल के साथ गमले में भी अच्छी पैदावार ली जा सकती है। भिंडी की खास बात यह है कि इसे उगाने के लिए बड़े खेत या ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होती। होम गार्डनिंग करने वाले लोग कुछ गमलों में ही इतनी भिंडी उगा सकते हैं कि रोजमर्रा की जरूरत पूरी हो जाए।

भिंडी के पौधे की जड़ें अच्छी तरह फैलती हैं, इसलिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला या ग्रो बैग चुनना चाहिए। बड़ा गमला पौधे की बढ़वार और उत्पादन दोनों को बेहतर बनाता है। अच्छी पैदावार के लिए उपजाऊ और हल्की मिट्टी जरूरी होती है। इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में बराबर मात्रा में गोबर की सड़ी खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाएं। मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए थोड़ी रेत या कोकोपीट भी मिला सकते हैं। ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकासी के लिए छेद जरूर हो, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके और जड़ें सड़ने न पाएं।

बीज कब और कैसे बोएं?

तैयार मिट्टी में अच्छी गुणवत्ता वाले भिंडी के बीज लगभग एक इंच गहराई पर बो दें। बीज बोने के बाद हल्का पानी दें। सामान्य तौर पर 5 से 7 दिनों के भीतर अंकुर निकलने लगते हैं।भिंडी को अच्छी वृद्धि के लिए भरपूर धूप चाहिए। इसलिए गमलों को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे सीधी धूप आती हो।गर्मियों में मिट्टी जल्दी सूख जाती है, इसलिए सुबह या शाम के समय नियमित रूप से पानी देना जरूरी है। हालांकि जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें क्योंकि इससे पौधे की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं।

खाद कब दें?

पौधों को अतिरिक्त पोषण देने के लिए हर 15 से 20 दिन में नीम खली, वर्मीकंपोस्ट या लिक्विड ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और उत्पादन भी बढ़ता है।बीज बोने के लगभग 45 से 50 दिन बाद पौधों में पीले रंग के फूल आने लगते हैं। कुछ ही दिनों में यही फूल भिंडी में बदल जाते हैं। समय पर तुड़ाई करने से पौधे लगातार नई भिंडी देना जारी रखते हैं और कई सप्ताह तक अच्छी पैदावार मिलती रहती है। अगर सही धूप, पानी और खाद का ध्यान रखा जाए तो छत या बालकनी में लगे कुछ गमलों से ही पूरे परिवार के लिए ताजी और ऑर्गेनिक भिंडी प्राप्त की जा सकती है।