थाने के पास दो युवतियों का अपहरण, दुष्कर्म के बाद सड़क किनारे फेंका, सीवान में सुशासन के सीने पर अपराधियों ने भोंका छूरा, खाकी फिर लाचार

Bihar Crime: सीवान की सरजमीन पर खाकी की हनक किस कदर खाक में मिल चुकी है, इसकी एक दिल दहला देने वाली बानगी शनिवार को मुकम्मल तौर पर देखने को मिली। ...

Siwan Police Defied Two Women Abducted Assaulted and Dumped

Bihar Crime: सीवान की सरजमीन पर खाकी की हनक किस कदर खाक में मिल चुकी है, इसकी एक दिल दहला देने वाली बानगी शनिवार को मुकम्मल तौर पर देखने को मिली। कानून के रखवालों की नाक के ठीक नीचे, महादेवा थाने से महज 500 मीटर के फासले पर स्थित वीएम हाई स्कूल का मैदान बदमाशों की सल्तनत का अड्डा बन गया। चार पहिया गाड़ी में सवार दो दरिंदों ने दिन के उजाले में दो मासूम बहनों को जबरन अगवा कर लिया और सुशासन के तमाम दावों की धज्जियां उड़ाते हुए एक बच्ची की अस्मत को तार-तार कर दिया। कानून-व्यवस्था का जनाजा निकाल चुके ये बेखौफ बदमाश वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के इकबाल को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।

महादेवा थाने के पास शैतान की हैवानियत

जरायम की इस खौफनाक दास्तान की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता अपनी चचेरी बहन के साथ स्कूल मैदान के करीब से गुजर रही थी। तभी काले शीशों वाली स्कॉर्पियो में सवार दो वहशी परिंदे पहुंचे और दोनों को जबरन गाड़ी में धकेल लिया। चलती गाड़ी में दोनों मासूमों के साथ जोर-जबरदस्ती का घिनौना खेल शुरू हुआ। हैवानियत की हद पार करते हुए एक बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। चीख-पुकार और जुल्म की इंतहा के बीच पीड़िता बेहोश हो गई। जब दरिंदों का मन भर गया, तो वे दोनों बहनों को सड़क किनारे लावारिस हालत में फेंककर फुर्र हो गए।

इंटरनल पार्ट्स में गहरे जख्म, टांके लगाने पड़े

होश में आने के बाद छोटी बहन ने हिम्मत जुटाकर 'डायल-112' पर पुलिस को इत्तला दी, जिसके बाद दोनों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। ऑन-ड्यूटी डॉक्टर के मुताबिक, वहशियत इस कदर संगीन थी कि पीड़िता का अंदरूनी हिस्सा (इंटरनल पार्ट) बुरी तरह डैमेज हो गया। खून का रिसाव न रुकने के कारण डॉक्टर को टांके लगाने पड़े। बच्ची के जिस्म पर बने खरोंच और नीले निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि उसने अपनी आबरू बचाने के लिए आदमखोरों से किस कदर संघर्ष की होगी।

सदर अस्पताल में आला अफसरों का जमावड़ा

घटना की खबर फैलते ही सरगर्मियां बढ़ीं और पुलिस महकमे के आला अफसर एसपी पूरन कुमार झा खुद सदर अस्पताल पहुंचे। खाकी के रहनुमा ने मीडिया के सामने वही घिसा-पिटा बयान दोहराया- "जांच जारी है, पीड़िता डरी हुई है, जल्द ही मुल्जिमों की शिनाख्त कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।"

सवाल यह उठता है कि जब थाने से चंद कदमों की दूरी पर दिनदहाड़े ऐसी  वारदात अंजाम दी जा सकती है, तो आम शहरियों की हिफाजत का दावा कितना सच्चा है? पुलिसिया गश्त का ढोल पीटने वाला महकमा सिर्फ कागजी कार्रवाई और जांच के बयानों तक सीमित नजर आ रहा है, जबकि शहर में अपराध की दुनिया के कारिंदे बेखौफ होकर अपनी हवस की दास्तान लिख रहे हैं।

रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज