महिला आयोग की जनसुनवाई में दो पतियों ने सुनाई ऐसी आपबीती, सुनकर अध्यक्ष भी रह गईं दंग

प्रतिकात्मक तस्वीर- फोटो : सोशल मीडिया

N4N Desk : महिला आयोग में अमूमन पतियों से प्रताड़ित महिलाएं न्याय मांगने पहुंचती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग में इस बार कई ऐसे पति भी पहुंचे जो अपनी पत्नियों के रवैये से परेशान थे। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव की मौजूदगी में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद और साइबर उत्पीड़न से जुड़े 50 से अधिक मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से दो मामलों ने सभी को चौंका दिया।


18 साल पढ़ाया, IVF से हुआ बच्चा; असिस्टेंट डायरेक्टर बनते ही छोड़कर चली गई पत्नी

जनसुनवाई में पहुंचे एक पीड़ित पति ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसने शादी के 18 सालों तक अपनी पत्नी की पढ़ाई-लिखाई और करियर का पूरा खर्च उठाया। पति के सहयोग से पत्नी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त हो गई। पति का आरोप है कि अधिकारी बनते ही पत्नी का व्यवहार बदल गया। वह अपने बेटे को लेकर मायके चली गई और पति के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा दी। पति ने तर्क दिया कि उनका बच्चा IVF तकनीक से हुआ है, अगर संबंध खराब होते तो वे बच्चा प्लान ही नहीं करते।


पत्नी के गैरहाजिर रहने पर आयोग सख्त; अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की पेशी के निर्देश

इस मामले में सुनवाई के दौरान पत्नी के उपस्थित न होने पर महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली जनसुनवाई में दोनों पक्षों (पति और पत्नी) की व्यक्तिगत और अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।


"पत्नी के सहेली के साथ समलैंगिक संबंध, खाने में दे सकती है जहर" 

महिला आयोग में आया दूसरा मामला और भी चौंकाने वाला रहा, जहां एक अन्य पति ने अपनी पत्नी पर लेस्बियन (समलैंगिक) होने का गंभीर आरोप लगाया। पति का दावा है कि उसकी पत्नी के उसकी सहेली के साथ समलैंगिक संबंध हैं और उसने दोनों के बीच की चैट पढ़ने के साथ अश्लील बातें भी सुनी हैं। पीड़ित पति ने आयोग को बताया कि उसे अपनी पत्नी से जान का खतरा है और वह उसे खाने में जहर दे सकती है। उसने अपने दावों के समर्थन में आयोग के समक्ष सबूत भी पेश किए।


आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुन दिए आवश्यक निर्देश, मामलों की जांच जारी

दो दिनों तक चली इस जनसुनवाई के दौरान राज्य महिला आयोग ने प्राप्त सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को आवश्यक कानूनी निर्देश जारी किए। आयोग का कहना है कि हर मामले में निष्पक्षता से कार्रवाई की जाएगी ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके।