भगोड़े 560 शिक्षकों को तुरंत करें निलंबित/ बर्खास्त ताकि नहीं दे सकें सक्षमता परीक्षा, KK पाठक ने पंचायती राज विभाग के ACS को लिखा पत्र
PATNA: भगोड़े नियोजित शिक्षक राज्यकर्मी नहीं बन सकेंगे. इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. पत्र में छह माह से गायब शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है.
केके पाठक ने अपने पत्र में कहा है पिछले 6 महीने से नियोजित शिक्षकों की निगरानी की जा रही है. जिसमें कई तरह की अनियमितता पाई गई हैं. इस आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विभिन्न प्रकार की कार्रवाई की है. बिना स्वीकृति के अनुपस्थिति पर बड़ी संख्या में शिक्षकों का वेतन काटा गया है. लेकिन अन्य गंभीर मामलों में निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई की जब समीक्षा की गई तो पचा चला कि नियोजन इकाइयों ने विशेष तौर पर कार्रवाई नहीं की है. कई नियोजित शिक्षक महीनों से अनुपस्थित हैं.
गायब शिक्षकों को के के पाठक ने दो चरणों में बांटा है. वैसे शिक्षक जो 6 महीने से कम और जो 6 महीने से अधिक अवधि से गायब हैं. 6 महीने से कम अवधि से गायब नियोजित शिक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के अनुशंसा की गई थी. लेकिन 34 शिक्षक ही नियोजन इकाईयों द्वारा निलंबित किए गए . हीं ऐसे कुल 582 नियोजित शिक्षक हैं, जिनमें कई तो 2 साल से अधिक समय से गायब हैं. ऐसे सभी मामलों में बर्खास्तगी..निलंबन की अनुशंसा की गई. लेकिन सिर्फ 13 शिक्षकों की बर्खास्तगी हुई और 10 शिक्षक निलंबित हुए.
केके पाठक ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह से अनुरोध है कि जिला स्तरीय पदाधिकारी से इस मामले की समीक्षा कराएं. ताकि इन शिक्षकों पर त्वरित गति से कार्रवाई हो सके. केके पाठक ने आगे कहा है कि अब ये नियोजित शिक्षक राज्य कर्मी बन चुके हैं. ऐसे में उनकी साक्षमता परीक्षा भी ली जा रही है. भगोड़े नियोजित शिक्षकों पर तुरंत कार्रवाई करनी होगी, ताकि ये राज्य कर्मी न बन सकें.