नीतीश- तेजस्वी हीं नहीं बीजेपी को भी ‘अशांत’ करेंगे ‘प्रशांत’ किशोर, साइलेंट किलर बनने की कर रहे तैयारी, जन सुराज से जुड़े कई दिग्गज, कई जुड़ने को हैं तैयार

PATNA : बिहार में हर नेता, हर राजनीतिक दल मौजूदा वक्त सियासी बिसात बिछाने में लगे है. नेता जिन्हें विधायकी का चुनाव लड़ना है, वो अपनी गोटी सेट कर रहे हैं. तो हर राजनीतिक दल अपने लिए अभिमन्यु वाला चक्रव्यू बनाना चाहता है. क्योंकि अगले साल बिहार में विधानसभा का चुनाव है और अंदरूनी तैयारी जोरों पर है. भले ही सामने से दिखे न दिखे. इन दिनों प्रशांत किशोर ने बीजेपी से लेकर सीएम नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव तक की बेचैनी बढ़ी दी है. 

जन सुराज वाले प्रशांत किशोर बीते 2 अक्टूबर 2022 से बिहार के पद यात्रा पर है. बीच-बीच में थोड़ा गैप रखते हैं. इसी दौरान यात्रा से हटकर जरूरी काम करते हैं. उनकी यात्रा आगामी 2 अक्टूबर 2024 को खत्म होगी और इसी दिन प्रशांत किशोर आधिकारिक तौर पर राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेंगे. प्रशांत किशोर के साथ लगातार बिहार के बड़े-बड़े लोग जुड़ते जा रहे हैं. बीते एक हफ्ते की बात करें तो बेगूसराय के पूर्व सांसद मोनाजिर हसन, बक्सर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी आनंद मिश्रा, जननायक कर्पूरी ठाकुर की पोती डॉ जागृति, पूर्व राजद विधान पार्षद रामबली सिंह चंद्रवंशी जन सुराज में शामिल हुए. आने वाले दिनों में कई नेता और जन सूरज में शामिल होने वाले हैं.

बिहार में प्रशांत किशोर बिलकुल नई तरह की पॉलिटिक्स करते दिख रहे हैं. एंटी लालू-तेजस्वी और नीतीश पॉलिटिक्स प्रशांत किशोर कर रहे हैं. उनका साफ तौर कहना है कि आप और आपके बच्चे, बिहार की अंतिम पीढ़ी हैं, जिसे शिक्षा, इलाज और रोजगार के लिए बिहार से बाहर मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है. क्योंकि 2025 में जन सुराज की सरकार बिहार में बनेगी, अगला विधानसभा जन सुराजियों से भरा होगा. प्रशांत किशोर की माने तो, 2 बरस के भीतर बिहार की गरीबी को दूर करेंगे. कोई MY समीकरण बना रहा है कोई PY बना रहा है, कोई A to Z बना रहा है. आप देखियेगा 1 ही समीकरण होगा वो होगा जन बल का समीकरण. देश में जन बल के आगे कोई समीकरण नहीं है. 

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने 26 नंवबर को 2012 को आम आदमी पार्टी बनाई थी. फिर आम आदमी पार्टी अपना पहला चुनाव अगले साल यानी दिसंबर 2013 को दिल्ली विधानसभा का लड़ती है और अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बन जाते हैं. हालांकि वो सिर्फ 49 दिन के लिए मुख्यमंत्री रह पाते है. फिर दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू होती है. दिल्ली में अगला विधानसभा चुनाव  फरवरी 2015 को होता है. तब फिर से अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बन जाते हैं और तब से लगातार वो ही दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं. सवाल ये है कि क्या प्रशांत किशोर 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के बाद देश के दूसरे अरविंद केजरीवाल बनेंगे. प्रशांत किशोर अपने हिसाब से तैयारी तो पूरी कर रहे हैं. या फिर 2020 बिहार विधानसभा वाले चिराग पासवान बन जाएंगे. वो चिराग पासवान जो सिर्फ एक सीट जीतता है. पर जेडीयू को करीब 30 विधानसभा सीट हरवा देता है।

देबांशु प्रभात की रिपोर्ट