'बिहार की जनता लड़ेगी-तानाशाही हारेगी' के नारों के साथ पटना में विपक्षी दल दिखा रहे ताकत, भाजपा के खिलाफ हुंकार
पटना. जन विश्वास महारैली में रविवार को पटना की सड़कों पर विपक्षी एकता का साझा स्वरूप दिख रहा है. राजद के साथ ही कांग्रेस, समजवादी पार्टी, वाम दलों सहित अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी पूरे जोश से गांधी मैदान पहुंचे हैं. इस रैली में विपक्ष के इंडिया में शामिल कई दलों के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं ऐसे में उन दलों ने अपनी ताकत दिखाने की भी पूरी कोशिश की है. इसमें जहाँ राजद के सबसे ज्यादा झंडे-बैनर पटना में दिखे रहे हैं वहीं वामदलों, कांग्रेस और समजवादी पार्टी की ताकत भी दिख रही है. बिहार की जनता लड़ेगी-तानाशाही हारेगी के नारों के साथ विपक्ष ने अपनी ताकत दिखाई है.
विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया की ताकत भी आज जन विश्वास महारैली में दिखेगी. जून 2023 में एकजुट हुए इंडिया की यह पहली रैली है जिसमें एक साथ विपक्ष के कई दिग्गज एक मंच पर दिखेंगे. लालू यादव और तेजस्वी यादव के साथ ही राजद की जनविश्वास रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शामिल होने को लेकर चल रहा संस्पेंस भी खत्म हो गया है। अब यह कंफर्म हो गया है कि महारैली में राहुल गांधी शामिल होंगे। वहीं उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राजस्थान से राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल भी पटना पहुंचेगे। इसके अलावा वामपंथी दलों के कई नेता भी मंच पर होंगे.
पूरा पटना शहर राजद और महागठबंधन के नेताओं-कार्यकर्ताओं, उनके पोस्टर-बैनरों और कट आउटों से अटा पड़ा है. गांधी मैदान के चारों तरफ़ सड़कों पर, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के आसपास भी राजद के झंडे डंडों के साथ कार्यकर्ताओं का हुजूम दिख रहा है. वह भी ऐसे समय में जब पटना में रविवार की सुबह बूंदाबादी वाली है. लोकसभा चुनाव के पहले विपक्षी एकजुटता और अपनी ताकत दिखाने के आयोजित इस जन विश्वास महारैली में लालू यादव और तेजस्वी यादव मुख्य रूप से अपनी ताकत दिखा रहे हैं.