प्रशांत किशोर का ऐलान - नीतीश- लालू और भाजपा से मुक्त होने को तैयार है बिहार, विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर उतरने का प्लान
पटना. जन सुराज मिशन पर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने रविवार को कहा कि 2 अक्टूबर को प्रशांत किशोर कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं, बल्कि बिहार के एक करोड़ लोग अपने बच्चों के भविष्य और लालू, नीतीश और भाजपा के 30 साल के शासन से मुक्ति के लिए एक पार्टी बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि जन सुराज जब राजनीतिक दल के रूप में परिवर्तित हो जाएगा तब भी प्रशांत किशोर की भूमिका पहले जैसी ही है. यानी जैसे पहले मैं दल और नेताओं को सुझाव देता था. अब बिहार की जनता को सुझाव दे रहा हूँ. उन्होंने कहा कि यह पहली बार होगा जब बिहार के एक करोड़ लोग एक साथ आकर एक पार्टी बनाएंगे
पटना स्थित बापू सभागार में आयोजित जन सुराज युवा संवाद में उन्होंने कहा कि हम बिहार में नए बदलाव के लिए काम कर रहे हैं. 2 अक्टूबर को नई पार्टी के गठन के पहले हमारे संगठन और सात बैठके होंगी. उसके बाद 1 करोड़ लोगो के साथ नए दल का गठन किया जाएगा. देश के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब किसी राजनीतिक दल का गठन एक साथ एक करोड़ लोगों के साथ होगा. उन्होंने बिहार से पलायन रुके, बेहतर शिक्षा हो. रोजगार के साधन उन्नत हों उसके लिए हमारा दल काम करेगा.
प्रशांत किशोर ने पटना में जन सुराज की स्टेट लेवल वर्कशॉप में यह ऐलान किया कि वह 2 अक्टूबर को पार्टी बनाएंगे. उन्होंने कहा कि 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुराज प्रशांत किशोर या किसी जाति या किसी परिवार या व्यक्ति का नहीं, बल्कि बिहार के लोगों का दल होगा जो इसे मिलकर बनाएंगे.
इससे पहले 10 जून को पटना में जन सुराज की एक कार्यक्रम में तीन प्रस्ताव लाए गए थे. इन प्रस्तावों पर वहां मौजूद लोगों ने सहमति जताई थी. पहला प्रस्ताव जन सुराज को राजनीतिक पार्टी घोषित करने को लेकर था, जिस पर सभी लोगों ने कहा था कि 2 अक्टूबर 2024 को जन सुराज को राजनीतिक पार्टी बनाया जाए. दूसरा प्रस्ताव बिहार की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के संबंध में था जिस पर भी सभी लोगों ने सहमति जताई थी. वहीं, तीसरा प्रस्ताव जन सुराज में समाज के सभी वर्गों को उनकी संख्या के हिसाब से चुनाव में टिकट देने और भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर था. इस प्रस्ताव पर भी तमाम लोगों ने अपनी सहमति जताई थी.